Rewari Bus Service: हरियाणा रोडवेज का बेड़ा प्रदेश स्तर पर बढ़ने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन रेवाड़ी रोडवेज डिपो की स्थिति अब भी यात्रियों की चिंता का कारण बनी हुई है। पिछले करीब तीन वर्षों से डिपो में बसों की संख्या लगभग 150 के आसपास ही बनी हुई है। बढ़ती आबादी, यात्रियों की संख्या और नए रूटों की मांग के बावजूद बसों की उपलब्धता में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रेवाड़ी के यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर
रेवाड़ी से गुरुग्राम, दिल्ली, नारनौल, महेंद्रगढ़, रोहतक, झज्जर, बावल, धारूहेड़ा और आसपास के कस्बों के लिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्र के यात्री शामिल हैं। बसों की सीमित संख्या के कारण कई बार यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि व्यस्त समय में बसें पूरी तरह भर जाने से कई लोगों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है।
पीक आवर्स में बढ़ जाती है परेशानी
सुबह और शाम के समय यात्रा करने वालों की संख्या सबसे अधिक रहती है। ऐसे समय में यदि किसी बस का संचालन प्रभावित हो जाए या कोई बस वर्कशॉप में चली जाए, तो उपलब्ध बसों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है। इसका असर यात्रियों के समय और सुविधा दोनों पर पड़ता है। कई लोग मजबूरी में निजी वाहनों या अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेने को विवश हो जाते हैं।
नए रूट और बढ़ती मांग के बीच सीमित संसाधन
रेवाड़ी जिले का औद्योगिक और शैक्षणिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों लोग यहां आते-जाते हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यात्रियों की संख्या के अनुरूप बसों की उपलब्धता बढ़ने से सफर अधिक सुविधाजनक हो सकता है और समय की भी बचत होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी होती है दिक्कत
रेवाड़ी जिले के कई गांवों से आने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज बसें आज भी प्रमुख सार्वजनिक परिवहन का साधन हैं। बसों की कमी के कारण कई ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों और बुजुर्ग यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बेहतर परिवहन व्यवस्था की उम्मीद
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि यदि रेवाड़ी डिपो में नई बसों की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरत के अनुसार संचालन को मजबूत किया जाए, तो रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। बेहतर सार्वजनिक परिवहन न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम करने में मदद करेगा।
















