Haryana Water Project: हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य की महत्वाकांक्षी जल परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मंजूरी मिली है, जिसके बाद आने वाले वर्षों में नहरों, जल स्रोतों और सिंचाई ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
विश्व बैंक से मिला बड़ा सहयोग
राज्य की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार की गई इस परियोजना की कुल लागत 5714 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें बड़ी हिस्सेदारी विश्व बैंक के ऋण के रूप में मिलेगी, जिससे जल प्रबंधन से जुड़े कई बड़े कार्यों को गति मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य खेती, भूजल संरक्षण और जल वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना है ताकि किसानों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
678 नहरों का होगा पुनर्विकास
योजना के तहत प्रदेशभर में बची हुई 678 नहरों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कई नहरों का पुनर्वास अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता से किया जाएगा, जबकि कुछ परियोजनाएं राज्य सरकार और अन्य संस्थाओं के सहयोग से पूरी होंगी।
नहरों की क्षमता बढ़ने से खेतों तक पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
डिजिटल तकनीक से होगी पानी की निगरानी
जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक डिजिटल सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके जरिए पानी की उपलब्धता, उपयोग और वितरण की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी।
इस तकनीक से जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
गांवों में बनेंगी जल समितियां
सरकार जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए गांव स्तर पर विशेष जल समितियों का गठन किया जाएगा।
ये समितियां नहरों और खालों के रखरखाव में योगदान देंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों की देखभाल आसान होगी।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
योजना के अंतर्गत सैकड़ों जल मार्गों का पुनरुद्धार किया जाएगा, जिससे लाखों एकड़ भूमि तक सिंचाई सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
इसके अलावा माइक्रो इरीगेशन परियोजनाओं को बढ़ावा देकर कम पानी में अधिक खेती की दिशा में काम किया जाएगा।
दो लाख एकड़ जलभराव वाली जमीन होगी उपयोगी
जलभराव से प्रभावित करीब दो लाख एकड़ भूमि को फिर से खेती योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को अतिरिक्त कृषि क्षेत्र मिलेगा और उत्पादन क्षमता में सुधार हो सकेगा।
सरकार फसल विविधीकरण और कम पानी वाली खेती को भी बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
भूजल सुधार के लिए नई पहल
कई जिलों में नई जल संरचनाएं विकसित की जाएंगी ताकि वर्षा जल का संरक्षण और भूजल पुनर्भरण बढ़ाया जा सके।
इस पहल से भविष्य में जल संकट की चुनौती को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा के लिए क्यों है खास यह योजना?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल नहरों के सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकती है।
यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में हरियाणा जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।













