Rewari News: जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए चल रही खेल नर्सरियों की व्यवस्था अब खेल विभाग के रडार पर आ गई है। हाल ही में हुए निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर ऐसी खामियां सामने आईं, जिनसे खिलाड़ियों की तैयारी और प्रशिक्षण प्रभावित हो सकता है। इसके बाद विभाग ने संबंधित संचालकों को सात दिनों के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
जांच में सामने आईं बुनियादी कमियां
निरीक्षण के दौरान कुछ नर्सरियों में खेल उपकरण पर्याप्त मात्रा में नहीं मिले, जबकि कई जगह अभ्यास के मैदान खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्थिति में नहीं पाए गए। कुछ केंद्रों पर प्रशिक्षण व्यवस्था भी उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखी। विभाग ने साफ कर दिया है कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
रेवाड़ी के ग्रामीण इलाकों से निकल रही हैं प्रतिभाएं
रेवाड़ी के गांवों और कस्बों से हर साल बड़ी संख्या में खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं। ऐसे में खेल नर्सरियां स्थानीय युवाओं के लिए पहला प्रशिक्षण केंद्र मानी जाती हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन केंद्रों पर सुविधाएं मजबूत हों तो जिले के खिलाड़ी बड़े मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
हजारों खिलाड़ियों को मिल रहा लाभ
जिले में विभिन्न खेलों के लिए दर्जनों नर्सरियां संचालित हैं, जहां चयनित खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण के साथ सरकारी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। इन केंद्रों के जरिए बड़ी संख्या में युवा खेल गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और कई खिलाड़ी प्रतियोगी स्तर की तैयारी कर रहे हैं।
खिलाड़ियों की सुविधाओं पर रहेगा फोकस
खेल विभाग का कहना है कि सरकार खिलाड़ियों के विकास पर लगातार निवेश कर रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रशिक्षण केंद्रों पर मैदान, उपकरण और कोचिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हों।
एक सप्ताह बाद फिर होगी समीक्षा
विभाग ने संबंधित संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर किया जाए। तय अवधि पूरी होने के बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी और यदि हालात में सुधार नहीं मिला तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
रेवाड़ी के खिलाड़ियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि विभाग की यह सख्ती जिले के खिलाड़ियों के हित में है। बेहतर प्रशिक्षण माहौल मिलने से रेवाड़ी की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और आने वाले समय में जिले का नाम राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो सकता है।













