शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

Sohna Dharuhera Palwal Highway: अलवर बाइपास पर बना रैंप टूटेगा या बचेगा

Written by: Best24News

Published:

Sohna Dharuhera Palwal Highway: सोहना पलवल हाइर्व पर अलवर बाइपास के पास जलभराव रोकने के लिए बनाए गए रैप ज्वलिंत मु्द्दा बन गया है। रैप को हटाने की मांग को लेकर राजस्थान…


Sohna Dharuhera Palwal Highway: सोहना पलवल हाइर्व पर अलवर बाइपास के पास जलभराव रोकने के लिए बनाए गए रैप ज्वलिंत मु्द्दा बन गया है। रैप को हटाने की मांग को लेकर राजस्थान के भिवाडी के पार्षद ने हाईकोर्ट में अपील की गई है। हाईकोर्ट में जबाब देने के हरियाणा व एनएचएआई से आए वकीलों ने गुरूवार को अपना पक्ष रखते हुए आगे तिथि की मांग की। इसी को लेकर अदालत की ओर से अब इस केस की सुनवाई 19 मई को होगी  Sohna Dharuhera Palwal Highway

Advertisement

क्या है समस्या: बता दे सोहना पलवल हाइर्व पर अलवर बाइपास के राजस्थाान की कंपनियांं का काला पानी जमा होता था। इतना ही नही यह दूषित पानी सीधा धारूहेड़ा में पहुंच रहा था। इस पानी से धारूहेड़ा के महेश्वरी, मालपुरा गढी अलावलपुर सिहत कई गांवो की 500 एकड से ज्यादा जमीन बंजर हो चुकी है।

जाने क्या है नियम: नियमों के मुताबिक किसी भी हाईवे पर अवरोधक या रैंप बनाना गलत है ऐसे में धारूहेड़ा की सीमा में बनाए गए रैंप को लेकर हाइवे अथॉरिटी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. हालांकि भिवाड़ी प्रशासन भी इसको लेकर कम नहीं है उनकी और से भी अपनी राजस्थान की सीमा में मिट्टी डालकर हाईवे को वन वे किया हुआ है उसको लेकर हाईवे ने जब तिज़ारा डीसी से जवाब मांगा था तो कोई जवाब नहीं दिया गया था लेकिन अब इस रैंप को लेकर मामला कोर्ट में पहुंचने से दोनों ही मुद्दे ताजा हो गये है.

Advertisement

ये भी पढ़ें:गुरुग्राम में मेगा रोजगार मेला 23 अक्टूबर को, जानिए रिक्त पद व योग्यता

इस पानी को लेकर पहले स्वयं हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल भी इस बाइपास पर निरीक्षण करने आए थे। बार बार राजस्थान को पानी रोकने के लिए कहा गया, लेकिन पानी नहीं रूकने के कारण हरियाणा की सीमा से दूषित पानी की रोकने के लिए 2023 जुलाई में ये रैंप बनाया गया था।

बता दे भिवाडी के पार्षद हवा सिंह दायमा ने पर अदालत में अपील करते हुए कहा है हाईवे पर रैप बनाना गलत है। इतना ही नहीं बरसात के समय तो यहां पर ओर भी हालत बदहाल हो जाती है। केस दायर होने पर अदालत ने हरियाणा सरकार व एनएचएआई को 24 अप्रैल को जबाव मांगा गया था।

ये भी पढ़ें:4600 करोड़ से बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अटका: जानिए अब क्या है स्थिति?

केस की पहली तारिख पर हाईकोर्ट में जबाब देने के हरियाणा व एनएचएआई से आए वकीलों ने अपना पक्ष रखते हुए आगे तिथि की मांग की थी। इसी को लेकर अदालत की ओर से इस केस की सुनवाई 19 मई को होगी।
हवा सिंह दामया, पार्षद भिवाडी नगर परिषद

 

ये भी पढ़ें:हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बड़ा बढ़ावा: 10% पंचायती जमीन पट्टे पर देगी सरकार

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp