कॉमनवेल्थ पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली शर्मिला धनखड़ की शानदार सफलता ने खुशी की लहर दौड़ा दी है। जैसे ही उनकी जीत की खबर परिवार तक पहुंची, घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और खेल प्रेमी लगातार पहुंचकर परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं।
मां ने कह दी बड़ी बात
शर्मिला के जीत पर उनकी मां ने बड़ी बात कही है। शर्मिला की मां का कहना है कि यह जीत सिर्फ उनकी बेटी का जीत नहीं बल्कि एक समाज का जीत है और उन महिलाओं की जीत है जो मुश्किलों से लड़ रही है।
बेटियों ने मनाई खुशी
शर्मिला की दोनों बेटियों ने अपनी सहेलियों के साथ इस खास पल को यादगार बनाया। बच्चों ने मिठाइयां बांटी, एक-दूसरे को बधाई दी और मां की उपलब्धि पर गर्व जताया। पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
पति ने पहली बार कहीं दिल की बात
पति का कहना है कि यह स्वर्ण पदक वर्षों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों में भी शर्मिला ने कभी हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। इसी समर्पण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक दिलाया।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि शर्मिला की उपलब्धि सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता से हरियाणा ही नहीं, पूरे देश का गौरव बढ़ा है।शर्मिला की घर वापसी को लेकर परिवार और शुभचिंतकों में खासा उत्साह है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके लौटने पर भव्य स्वागत किया जाएगा ताकि जिले की इस गौरवशाली उपलब्धि का मिलकर जश्न मनाया जा सके।














