रेवाड़ी (Best24News): डिजिटल भुगतान के दौर में QR Code के जरिए हो रही साइबर Cyber Thagi धोखाधड़ी को लेकर रेवाड़ी पुलिस सख्त और सजग हो गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) हेमेंद्र कुमार मीणा (IPS) ने आमजन को जागरूक करने के लिए एक विस्तृत साइबर एडवाइजरी जारी की है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि “QR Code केवल Pay (पैसे भेजने) के लिए होता है, Receive (पैसे प्राप्त करने) के लिए नहीं।” इस बुनियादी नियम की जानकारी न होने के कारण रोजाना निर्दोष लोग साइबर अपराधियों का शिकार बन रहे हैं।
कैसे जाल में फंसाते हैं ठग?
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को ग्राहक, खरीदार या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। वे पीड़ित को झांसा देते हैं कि वे उनके खाते में पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं और इसके लिए एक QR Code भेजकर उसे स्कैन करने को कहते हैं। जैसे ही पीड़ित कोड स्कैन करता है, उसके खाते से राशि कट जाती है।
रेवाड़ी पुलिस की मुख्य सावधानियां
QR Code का नियम याद रखें: किसी से पैसे लेने के लिए कभी भी QR Code स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती। पैसे प्राप्त करने के लिए केवल आपका UPI ID या मोबाइल नंबर काफी है।
- अनजान कोड स्कैन न करें: किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR Code को स्कैन करने से बचें।
- दबाव में न आएं: यदि कोई व्यक्ति “पहले स्कैन करो, तभी पैसे मिलेंगे” कहे या जल्दीबाज़ी करने का दबाव बनाए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- गोपनीयता बनाए रखें: अपने UPI PIN, OTP या बैंकिंग क्रेडेंशियल किसी से साझा न करें।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें यह काम
पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बदकिस्मती से साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए:
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
- आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें।














