Sawan Shivratri 2026: हाईवे पर गुंजेंगे बम बम के जयकारे, जानिए धारूहेड़ा में कहां कहां बनाए जांएगे कांवड़ शिविर
धारूहेड़ा (Best24News): दिल्ली जयपुर हाईवे पर एक बार फिर बम बम के जयकारे गुजने लगेंगे। पवित्र सावन माह के उपलक्ष्य में हरिद्वार व अन्य धार्मिक स्थलों से जल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की सेवा के लिए शहर व आसपास के क्षेत्रों में कांवड़ सेवा शिविरों को लेकर तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा दिल्ली-जयपुर हाईवे और प्रमुख मार्गों पर कांवड़ शिविर लगाने के लिए पंडाल और व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सावन शिवरात्रि 2026 (सावन मास)
- दिनांक: 11 अगस्त 2026, मंगलवार
- जलाभिषेक का समय: सुबह 4:54 बजे से देर रात 1:52 बजे तक
बता दे कि सावन शिवरात्रि का हिंदू धर्म में बेहद खास स्थान है। यह पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि पूरा सावन महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा, व्रत, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण इस अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की बड़ी संख्या देखने को मिलती है।
इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ की गई शिव भक्ति से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
कब है सावन की शिवरात्रि?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी और 12 अगस्त को रात 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। चूंकि शिवरात्रि में रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है, इसलिए 11 अगस्त को ही यह पर्व मनाना अधिक उचित माना जाएगा। इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शिव की पूजा करने का विधान है।
शिविरों में मिलेंगी ये मुख्य सुविधाएं
कांवड़ यात्रियों की सुविधा और आराम के लिए आयोजकों द्वारा व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं भोले के भक्तों के लिए वाटरप्रूफ टेंट, गद्दे व पंखों की व्यवस्था की जा रही है। कांवड़ियों के लिए 24 घंटे गर्म व ताजा भोजन, फल, चाय और शुद्ध पेयजल का प्रबंध रहेगा। इतना ही नहीं लंबी पैदल यात्रा के कारण होने वाले पैरों के छालों व दर्द के इलाज के लिए प्राथमिक चिकित्सा, दवाइयां और फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जानिए कहां कहां बनाए जाएंंगे हाईवे पर शिविर
बता दे हाईवे से हर साल बडी संख्या में कावडिए गुजरते है। कावडियों की सेवाडी के लिए कापडीवास गांव, मालपुरा, सेक्टर छह धारूहेड़ा, सेक्टर छह शिव मंदिर, धारूहेड़ा शनि मंदिर, हाईवे शनि मंदिर, डूगरवास, निखरी, खिजूरी के पास शिविर लगाए जा रहे है। शिविरो को बनाने का काम जारी है। हाइवे पर भी पुलिस की ओर से अलग से काविडयों के निकलने के लिए जगह बनाई जाएगी ताकि उसको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।
कांवड़ की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष कांवड़ स्टैंड बनाए जा रहे हैं। शिविर आयोजकों ने बताया कि कांवड़ सेवा शिविरों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा, ट्रैफिक में कोई बाधा न पहुंचे, इसके लिए हाईवे के किनारे सुरक्षित दूरी पर शिविर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस व प्रशासन से भी सुरक्षा व्यवस्था और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए समन्वय स्थापित किया गया है।














