Rewari Weather Today: हरियाणा के रेवाड़ी में शनिवार (4 जुलाई) को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और दोपहर के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिन में कई इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
रेवाड़ी में फिलहाल तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, लेकिन हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को लगभग 39 डिग्री जैसा एहसास हो रहा है। सुबह से ही उमस ने लोगों को परेशान किया है। बाजारों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर बाद बारिश की अच्छी संभावना (Rewari Weather Today)
मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक दोपहर के समय गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना 50 से 65 प्रतिशत तक है। अगर बारिश होती है तो तेज धूप और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश के दौरान बिजली चमकने और फिसलन जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आज का मौसम एक नजर में
- अधिकतम तापमान: 36°C
- न्यूनतम तापमान: 31°C
- मौजूदा तापमान: 32°C
- महसूस होने वाला तापमान: 39°C
- आर्द्रता: 69%
- हवा की गति: 4 से 7 मील प्रति घंटा (दक्षिण-पूर्व दिशा)
- सूर्यास्त: शाम 7:25 बजे
रेवाड़ी के लोगों पर क्या होगा असर?
शनिवार होने की वजह से बाजारों और प्रमुख सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आवाजाही देखने को मिल सकती है। यदि दोपहर बाद बारिश होती है तो शहर के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। वहीं किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं।
मानसून ने बनाई मजबूत पकड़
रेवाड़ी में मानसून अब सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।
घर से निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
यदि आपको दोपहर या शाम के समय बाहर जाना है तो छाता या रेनकोट साथ रखें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। वाहन चलाते समय भी फिसलन और कम दृश्यता को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

















