गुरुग्राम से पंचगांव तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर ने रेवाड़ी, धारूहेड़ा, बावल और मानेसर क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। यदि यह परियोजना तय समय पर मंजूर होकर धरातल पर उतरती है तो दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) की ओर से गुरुग्राम सेक्टर-56 से पंचगांव तक नए मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजी गई है। प्रस्तावित कॉरिडोर करीब 35 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें लगभग 28 स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है।
पंचगांव तक पहुंचेगी मेट्रो, रेवाड़ी-धारूहेड़ा को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित लाइन का अंतिम स्टेशन पंचगांव होगा, जो धारूहेड़ा से लगभग 15 किलोमीटर और रेवाड़ी से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके चलते रेवाड़ी और धारूहेड़ा के लोग आसानी से पंचगांव पहुंचकर मेट्रो के जरिए गुरुग्राम और दिल्ली का सफर कर सकेंगे। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होने की भी संभावना है।
दैनिक यात्रियों का सफर होगा पहले से आसान
रेवाड़ी, धारूहेड़ा, बावल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए गुरुग्राम और दिल्ली का रुख करते हैं। वर्तमान में सड़क मार्ग पर ट्रैफिक जाम के कारण यात्रा में काफी समय लग जाता है। मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध होने पर यात्रा अधिक आरामदायक और समय की बचत करने वाली बन सकती है।
औद्योगिक क्षेत्र को मिल सकती है नई रफ्तार
धारूहेड़ा और बावल देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिने जाते हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से आवागमन आसान होगा। इससे कंपनियों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन तक बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से यातायात और प्रदूषण दोनों में राहत मिल सकती है।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ सकती है मांग
बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर में भी मेट्रो प्रोजेक्ट के शुरू होने का खास असर देखने को मिलेगा। मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत होने के बाद रेवाड़ी का काफी विकास होगा। यह मेट्रो प्रोजेक्ट रेवाड़ी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।













