NOC Fargiwada in Haryana: हरियाणा में बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां करने वाले 150 अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। राजस्व विभाग की टास्क फोर्स ने इन अधिकारियों और कर्मचारियों की एक सूची सरकार को सौंप दी है। बडा सवाल यह है सरकार कार्रवाई करेगी या फिर लोगो को केवल झूठी दिलासा ही दे रही है।
वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट, विभागीय कार्रवाई और निलंबन के आदेश जल्द ही जारी किए जा सकते हैं। सबको पता है जमीनों की रजिस्ट्री को लेकर गोलमाल नही रूक रहा। कुछ लोगो का कहना है सरकार केवल कार्रवाई के नाम खाना पूर्ति कर रही है। दो तीन माह पहले भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की थी, लेकिन हुआ क्या। कुछ नही हुआ। आज भी सरेआम पटवारी इंतकाल के नाम पर मोटा पैसा वसूल रहे है।
राज्य के विभिन्न तहसील कार्यालयों में अभी तक रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी खत्म नहीं हुई है। जहां अवैध रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। इसकी जड़ें गहरी हैं। कोरोना काल में भी कई रजिस्ट्रियां बिना एनओसी के की गई थीं। हालाँकि, उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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CM Haryana Nayab Saini ने दिया आदेश: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्व मंत्री विपुल गोयल के निर्देश पर वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और नियमों के उल्लंघन को रोकना है। इसमें जिला राजस्व अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी और रजिस्ट्री क्लर्क जैसे विभिन्न स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
दादा बडा न भैसा सबसे बडा रूपया: एनओसी तो सिर्फ कम पैसे देने वाले के निए एक कागज है। हरियाणा में ऐसा कोई जिला नहीं है जहां बिना एनओसी रजिस्ट्री नहीं होती है। सबसे अहम बात यह है इस मामले डीटीपी के अधिकारी भी मिले है। हरियाण की तहसीलों में सरेआम यह कहावत चरितार्थ हो रही है दादा बडा न भैया सबसे बडा रूपया।
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एनओसी के नाम पर तहसीलदार व डीटीपी की टीम लोगो को जमकर लूट रही है। सवाल यह है जिस समय भाजपा शासन में नही थी वो दावे करती थी रजिस्टी को लेकर ईमानदारी होगी। लेकिन ऐसा कुूछ नही हुआ। सरेआम आरसी क्लर्क पैसे लेेकर काम करते है। जो लोग पैसे नहीं देते है उसके काम को जानबूझक कोई न कोई कमी दिखाकर रोक दिया जाता है।
नहीं थम रहा खेल: जमीनों की रजिस्ट्री को लेकर गोलमाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ लोगो का कहना है सरकार केवल कार्रवाई के नाम खाना पूर्ति कर रही है। दो तीन माह पहले भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की थी, लेकिन हुआ क्या। कुछ नही हुआ। आज भी सरेआम पटवारी इंतकाल के नाम पर मोटा पैसा वसूल रहे है।
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