
Masani Barrage: (Best24News) धारूहेड़ा: मसानी बैराज में प्रदूषित जल निकासी की समस्या को लेकर जन चेतना यात्रा 23 मई से निकाली जाएगी। पहले हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था अभी जन चेतना यात्रा की तैयारियो को लेकर बुधवार को पंचायत घर मसानी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेवानिवृत्त रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर कमल सिंह यादव ने आगामी जन चेतना यात्रा के उद्देश्य, कार्यक्रम और गांव स्तर पर सहयोग अभियान को लेकर चर्चा की। Masani Barrage

23 मई से शुरू होगी जन चेतना यात्रा: उन्होंने बताया कि मसानी बैराज में गंदे और प्रदूषित पानी की समस्या बढती ही जा रही है। सरकार केवल कागजों में समाधान कर रही है। गांवो में भूजलस्तर खराब हो चुका है। लोगो को चर्म रोग की समस्याएं आम हो गई है। कई बार विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन सोपा गया तथा एनजीटी में भी शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।Masani Barrage
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आमजन को किया जागरूक: बता दे पहले हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगो को जागरूक किया था अब लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 31 मई 2026 को जन चेतना यात्रा निकाली जाएगी। बैठक में यात्रा के रूट, समय और गांवों में जनसंपर्क अभियान को जिम्मेदारियां सोंपी गई। निर्णय लिया गया कि 23 मई 2026 को विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को जन चेतना यात्रा के बारे में अवगत कराया जाएगा तथा अधिक से अधिक लोगों से सहयोग की अपील की जाएगी।
ये रहेगा यात्रा का रूट व समय: Masani Barrage
- 31 मई सुबह 5:30 बजे हनुमान मंदिर जीतपुरा
- सुबह 6:00 बजे तितरपुर
- 6:30 बजे मसानी
- 7:00 बजे रसगन
- 7:30 बजे डूंगरवास
- 8:00 बजे निखरी
- 8:30 बजे निगानियावास
- 9:00 बजे रालियावास
- 9:30 बजे पचगांव
- 10:00 बजे जडथल देवी माता मंदिर
हस्ताक्षर अभियान मे सहयोग के लिए जताया आभार: बैठक में मौजूद साथियों से कहा गया कि जिस प्रकार उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में सक्रिय सहयोग दिया था, उसी प्रकार इस जन जागरूकता अभियान में भी बढ़-चढ़कर भाग लें ताकि प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए मजबूत जनआवाज तैयार की जा सके।Masani Barrage
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झूठे सपने दिखाकर किया धोखा: ग्रामीणों ने कहा कि मनोहर लाल खटटर लोगो को कृकृत्रित झील बनाने के सपने दिखाकर जनता के साथ धोखा किया है। दरसल रेवाड़ी व बावल के गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए यह सब खेल खेला गया है। क्योंकि धारूहेड़ा में इस समस्या को नेतृत्व करने वाले कोई नहीं है। सरकार साफ पानी बताकर एनजीटी में रिपोर्ट देकर अपना पीछा छुडवा रही है जबकि काला यानि बिना ट्रीट किया हुआ पानी छोडा जा रहा है।Masani Barrage
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