LPG Cylinder Scam: अगर आपके घर में भी एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इन दिनों साइबर ठग एलपीजी उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर नया फ्रॉड कर रहे हैं। ठग खुद को गैस एजेंसी, ऑयल कंपनी या सरकारी अधिकारी बताकर फोन, SMS और WhatsApp के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं।
वे दावा करते हैं कि आपका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है या फिर KYC अपडेट नहीं होने के कारण आपकी गैस सब्सिडी रोक दी जाएगी। घबराहट में कई लोग उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं और अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं। इसके बाद उनके बैंक खाते से पैसे गायब होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में हर गैस उपभोक्ता के लिए इस नए फ्रॉड के तरीके को समझना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
कैसे किया जा रहा है LPG KYC के नाम पर फ्रॉड?
साइबर अपराधी सबसे पहले उपभोक्ता को कॉल करते हैं या फिर SMS और WhatsApp पर एक मैसेज भेजते हैं। इसमें लिखा होता है कि आपकी LPG KYC अधूरी है। अगर तुरंत KYC नहीं कराई गई तो गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा या सब्सिडी रोक दी जाएगी। कई बार ठग खुद को इंडेन गैस, भारत गैस, एचपी गैस या किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी भी बताते हैं, जिससे लोग आसानी से उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं।
फर्जी लिंक भेजकर चुराई जा रही है आपकी जानकारी
कॉल के बाद ठग एक फर्जी लिंक भेजते हैं और कहते हैं कि इसी लिंक पर जाकर KYC पूरी करें। यह वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती है, लेकिन वास्तव में साइबर अपराधियों द्वारा बनाई गई होती है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस वेबसाइट पर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, डेबिट कार्ड की जानकारी या OTP दर्ज करता है, उसकी पूरी जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है।
OTP और UPI PIN मांगने वालों से रहें सावधान
कई मामलों में ठग कहते हैं कि KYC पूरी करने के लिए OTP बताना जरूरी है। कुछ लोग वीडियो कॉल या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता ऐसा करता है, उसके मोबाइल और बैंकिंग ऐप तक पहुंच बन सकती है। याद रखें कि कोई भी गैस कंपनी, बैंक या सरकारी विभाग कभी भी फोन पर OTP, UPI PIN, ATM PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगता।
सरकार और ऑयल कंपनियों की क्या है अपील?
सरकारी एजेंसियां और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि KYC केवल अधिकृत गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी के आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ही कराएं। किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल, मैसेज या WhatsApp लिंक पर भरोसा न करें। अगर किसी सूचना को लेकर संदेह हो तो सीधे अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करें।
इन बातों का रखें हमेशा ध्यान
- किसी भी अनजान नंबर से आए KYC कॉल पर भरोसा न करें।
- OTP, UPI PIN, ATM PIN या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- SMS या WhatsApp पर मिले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत गैस एजेंसी से ही KYC कराएं।
- मोबाइल में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
- यदि कोई कॉल करने वाला जल्दबाजी दिखाए या धमकी दे तो तुरंत कॉल काट दें।
अगर गलती से जानकारी साझा हो जाए तो क्या करें?
अगर आपने गलती से OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN जैसी जानकारी साझा कर दी है या आपके खाते से संदिग्ध लेनदेन हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर खाते को सुरक्षित करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। आप राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। समय पर शिकायत करने से नुकसान कम होने की संभावना बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे साइबर फ्रॉड? (LPG Cylinder Scam)
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वे लोगों में डर और जल्दबाजी पैदा करके उन्हें सोचने का मौका नहीं देते। गैस कनेक्शन बंद होने, सब्सिडी रुकने या भारी जुर्माने जैसी बातें कहकर लोगों से उनकी निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं। इसलिए किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।













