शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

KrishnaJanmashtami 2026: जानिए क्यों मनाया जाता है जन्माष्टमी पर्व, जाने शुभमुहूर्त

Written by: सुनील चौहान

Published:

KrishnaJanmashtami 2026:   हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार 4 सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान…


KrishnaJanmashtami 2026: जानिए क्यों मनाया जाता है जन्माष्टमी पर्व, जाने शुभमुहूर्त
KrishnaJanmashtami 2026: जानिए क्यों मनाया जाता है जन्माष्टमी पर्व, जाने शुभमुहूर्त
Google News Follow us on Google

KrishnaJanmashtami 2026:   हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार 4 सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए इस दिन को कृष्ण जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन रात्रि में भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं। इस बार जन्माष्टमी के मौके पर उसी तरह का संयोग निर्मित हो रहा है, जिस तरह भगवान के जन्म के समय हुआ था। इस तरह का संयोग आज से 15 साल पहले बना था। अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि के चंद्रमा में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

Advertisement

 

जन्माष्टमी की कथा

यह कथा भी प्रचलित है कि कंस अपनी बहन देवकी को विवाह के बाद वासुदेव सहित ससुराल छोड़ने जा रहे थे। तब आकाशवाणी हुई थी कि देवकी के गर्भ का आठवां पुत्र तेरा काल होगा। यानि माना जाएगा। देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान कृष्ण जन्म लेते हैं। आगे चलकर के भगवान कृष्ण संसार में पुरानी मर्यादाओं को खोद करके नई मर्यादाओं को स्थापित किया। भगवान कृष्ण राजशाही छोड़कर लोकतंत्र स्थापित किया। भगवान कृष्ण ने इंद्र की पूजा को छोड़ ग्वाल बालों की पूजा, पर्वतों की पूजा, गोवर्धन की पूजा बैलों की पूजा का विधान शुरू किया। यह भाद्रपद का पूरा महीना है। यह कृष्ण के किसान स्वरूप की पूजा है।

Advertisement

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी में फसल बेचने की जंग: 12 धंटे करना पड रहा है इंतजार

 

KrishnaJanmashtami का शुभमुहूर्त

ज्योतिष एवं वास्तुविद पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ने बताया कि 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। अच्छी बात यह है कि अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि का चंद्रमा यह ठीक वैसे ही संयोग बन रहा है। जैसे भगवान कृष्ण के जन्म के समय था। ऐसा माना जा रहा है कि इस तरह का मुहूर्त 15 साल पहले बना था। अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 सितंबर को रात को 2:25 से शुरू होकर इसका समापन 5 सितंबर की रात 12:13 पर होगा। निशीथ काल की अष्टमी बड़ी महत्वपूर्ण बात है। 4 सितंबर को रात्रि लगभग 11:57 मिनट से लेकर 12:53 तक निशीथ काल का समय है। जहां पर जन्माष्टमी मनाई जाएगी। कृष्ण जन्माष्टमी में लोग व्रत रखकर इसका पारण भी करते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का पारण 6 सितंबर की सुबह 6 बजे के बाद कर सकते हैं। साल 2026 में नंद उत्सव का कार्यक्रम 5 सितंबर को मनाया जाएगा।

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी में 21 नवंबर को स्पेशल लोक अदालत, चेक बाउंस मामलों का होगा निपटारा

 

तीतरपुर में जागरण व भंडारा
धारूहेड़ा: रेवाड़ी के गांव तीतरपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को रात विशाल जागरण आयोजित होगा। प्रधान राजेश यादव ने बताया जागरण में नजफगढ़ के कलाकार कि प्रीति कौशिक, मास्टर हेमंत, श्याम शर्मा, कृष्णा, महेंद्र सिंह व राजू टीम कलाकार जागरण में आमंत्रित किए गए। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को सुबह हवन व भंडारे आयोजन किया जाएगा।

 

ये भी पढ़ें:श्री शिव रामलीला समिति: राजतिलक के साथ संपूर्ण होगी रामलीला

यह साल खास क्यों है?

हालांकि अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र हर साल आते हैं, लेकिन वे हमेशा जन्माष्टमी पर एक साथ नहीं पड़ते हैंं। चंद्रमा की चाल के अनुसार तिथियों और नक्षत्रों का समय बदलता रहता है। इस साल, जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ रहे हैं, जिससे यह भक्तों के लिए एक खास आध्यात्मिक अवसर बन गया है। बता दें, हिंदू धर्म में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का एक ही दिन मिलना बेहद दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp