PPF : पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) छोटे निवेशकों के लिए एक बहुत ही लोकप्रिय और सुरक्षित बचत योजना है, जो उन्हें लंबी अवधि में एक बड़ा फंड बनाने में मदद करती है। यह बचत योजना कर छूट और गारंटीड रिटर्न प्रदान करती है, जो इसे निवेश के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। आइए जानते हैं कि आप पीपीएफ खाता कैसे खोल सकते हैं, इसके लिए क्या पात्रता है और किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को भारत में सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय निवेश विकल्पों में गिना जाता है. 15 साल की लॉक-इन अवधि पूरी होने के बाद जब PPF अकाउंट मैच्योर होता है, तब निवेशकों के सामने बड़ा सवाल होता है कि जमा राशि निकाल ली जाए, अकाउंट को आगे बढ़ाया जाए या फिर निवेश जारी रखा जाए. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम का नहीं, बल्कि भविष्य की वित्तीय जरूरतों और निवेश लक्ष्यों का भी होता है
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पीपीएफ खाता खोलने की पात्रता
- कोई भी भारतीय निवासी पीपीएफ खाता खोल सकता है।
- माता-पिता या कानूनी अभिभावक भी नाबालिग बच्चे की ओर से पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।
- एनआरआई (अनिवासी भारतीय) नए पीपीएफ खाते खोलने के लिए पात्र नहीं हैं।
- पीपीएफ खाता ऑनलाइन या किसी भी बैंक या डाकघर में जाकर खोला जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
- पीपीएफ खाता खोलने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट।
- पता प्रमाण: आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या बिजली बिल।
- फोटो: हाल ही में खिंचवाया गया पासपोर्ट आकार का फोटो।
- फॉर्म ए: पीपीएफ खाता खोलने का फॉर्म।
- पीपीएफ खाता खोलने की प्रक्रिया:
ऑनलाइन प्रक्रिया:
- अपने बैंक के नेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।
- पीपीएफ सेक्शन में जाएं और ‘नया खाता खोलें’ पर क्लिक करें।
- आवश्यक विवरण भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और कम से कम ₹500 की शुरुआती जमा राशि जमा करें।
- ओटीपी या नेट बैंकिंग के ज़रिए लेन-देन को प्रमाणित करें। आपका खाता खुल जाएगा।
ऑफ़लाइन प्रक्रिया:
- आप किसी भी बैंक या डाकघर में जाकर फॉर्म ए और ज़रूरी पहचान दस्तावेज़ जमा करके आसानी से पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।
क्या होता है PF?
PF यानी प्रोविडेंट फंड एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जो नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए होती है. इसमें हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक तय रकम कटती है और उतनी ही राशि कंपनी भी जमा करती है. यह पैसा कर्मचारी के भविष्य और रिटायरमेंट के लिए जमा होता रहता है.
क्या होता है PPF?
वहीं, PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी बचत योजना है. इसमें कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है. चाहे वह नौकरी करता हो, खुद का कारोबार करता हो या फिर उसकी कोई नियमित आय न हो. PPF खाते में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं.
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PF और PPF में क्या फर्क है?
PF और PPF दोनों बचत योजनाएं हैं, लेकिन इनके नियम अलग-अलग हैं.
- PF केवल नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए होता है और यह उनकी नौकरी से जुड़ा होता है. दूसरी ओर PPF में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है.
- PF में हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक तय राशि अपने आप कट जाती है. इसमें नियोक्ता यानी कंपनी भी योगदान देती है. जबकि PPF में निवेश पूरी तरह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है. आप साल में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं.
- PF में कंपनी भी योगदान देती है, जबकि PPF में केवल खाताधारक ही निवेश करता है.
- PF खाते को नौकरी बदलने पर ट्रांसफर किया जा सकता है, जबकि PPF पूरी तरह व्यक्तिगत खाता होता है. PPF की लॉक-इन अवधि 15 साल होती है, साथ ही PPF खाते पर लोन भी लिया जा सकता है.
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