Haryana News: हरियाणा की खेल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और खेल ढांचे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि खेलों में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को आज भी कई बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
डाइट मनी भुगतान पर उठे सवाल
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि खिलाड़ियों को मिलने वाली डाइट मनी समय पर नहीं पहुंच रही है। उनका कहना है कि कई खिलाड़ियों को लंबे समय से भुगतान नहीं मिला, जिससे उनकी तैयारी और प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। खिलाड़ियों के लिए बेहतर पोषण खेल प्रदर्शन का अहम हिस्सा माना जाता है।
355 कोच पद खाली होने का दावा
खेल विभाग में बड़ी संख्या में प्रशिक्षकों के पद खाली होने का मुद्दा भी सामने आया है। विपक्ष का दावा है कि विभाग में 355 कोच पद रिक्त हैं, जिसके कारण खिलाड़ियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षकों की कमी का असर उभरती प्रतिभाओं पर पड़ सकता है।
खेल नर्सरियों की सुविधाओं पर भी बहस
प्रदेश की कई खेल नर्सरियों में खेल सामग्री और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ केंद्रों पर खिलाड़ियों को आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
विपक्ष ने दावा किया है कि कुछ खेल केंद्रों में जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद खेल व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
खिलाड़ियों के हित में सुधार की मांग
हरियाणा लंबे समय से देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देने वाला प्रमुख राज्य रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, समय पर आर्थिक सहायता और पर्याप्त प्रशिक्षक उपलब्ध कराने की मांग लगातार उठ रही है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि मजबूत खेल ढांचा ही भविष्य के चैंपियन तैयार कर सकता है।













