Haryana News: लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय युवक की अंतिम बातचीत अब उसके परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गई है। घर का इकलौता बेटा अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और बेहतर भविष्य की तलाश में नौकरी करने शहर आया था, लेकिन एक भयावह हादसे ने उसके सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया। हरियाणा के सोनीपत के भविष्य शर्मा इस घटना में दुनिया का अलविदा कह चुके हैं और अब उनके परिवार का रोकर बुरा हाल है।
आखिरी कॉल ने हमेशा के लिए बदल दी जिंदगी
परिजनों के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले युवक ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया था। कॉल के दौरान चारों तरफ धुआं और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा था। मां अपने बेटे की आवाज सुन रही थी, लेकिन उसे साफ देख नहीं पा रही थी। उस समय दोनों के बीच हुई बातचीत अब परिवार के लिए एक ऐसी याद बन चुकी है, जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे।
मां बेबस थी, बेटा मदद की उम्मीद करता रहा
परिवार का कहना है कि युवक लगातार खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। दूसरी तरफ उसकी मां भी फोन पर उसे हिम्मत बंधाती रही, लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठी वह कुछ नहीं कर सकती थी। कुछ देर बाद फोन संपर्क टूट गया और फिर परिवार को जो खबर मिली, उसने पूरे घर को सदमे में डाल दिया।
घर की जिम्मेदारियां संभालने निकला था बेटा
भविष्य कम उम्र में ही परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहा था। वह नौकरी के जरिए घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहता था। परिवार की उम्मीदें उससे जुड़ी थीं और वह अपने माता-पिता के साथ-साथ अपनी बहन के भविष्य को भी बेहतर बनाना चाहता था।
बहन की शादी और परिवार के सपने थे उसकी प्राथमिकता
करीबी लोगों के मुताबिक युवक अपनी बहन की शादी अच्छे तरीके से करना चाहता था। इसी लक्ष्य को लेकर वह मेहनत कर रहा था और नौकरी के माध्यम से परिवार को आर्थिक मजबूती देना चाहता था। परिवार को उम्मीद थी कि आने वाले वर्षों में वह घर की स्थिति बदल देगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
गांव में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
हादसे के बाद जब युवक का शव उसके गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।
एक हादसा, कई अधूरे सपने
यह घटना केवल एक परिवार के बेटे को नहीं, बल्कि उनके भविष्य की उम्मीदों को भी अपने साथ ले गई। नौकरी, परिवार की जिम्मेदारियां, बहन की शादी और माता-पिता का सहारा बनने जैसे कई सपने एक ही पल में अधूरे रह गए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













