Haryana News: इंसानियत हुई शर्मसार!तड़पता रहा किशोर, तमाशा देखते रहे लोग

On: June 6, 2026 10:01 PM
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इंसानियत हुई शर्मसार!तड़पता रहा किशोर, तमाशा देखते रहे लोग

Haryana News: हरियाणा के नूह जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां हाई टेंशन बिजली के चपेट में आने से एक बच्चा बुरी तरह से झुलस गया लेकिन वह मौजूद लोगों में से किसी ने उसकी मदद नहीं की। सारे लोग अपने मोबाइल फोन में जलते हुए बच्चे का वीडियो बनाते दिखाई दिए लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया।

हाईटेंशन लाइन से हुआ हादसा

घटना शुक्रवार दोपहर सर्किट हाउस के सामने स्थित इलाके में हुई। क्षेत्र में मौजूद कीकर के पेड़ों को काटने के लिए कुछ लोग पहुंचे थे। उनके साथ एक किशोर भी था। परिवार के अन्य सदस्य लकड़ियां लेकर लौट गए, जबकि किशोर कुछ समय तक वहीं रुका रहा।

सामने जानकारी के अनुसार बच्चों ने कुल्हाड़ी से सामने पड़ी तार परिवार कर दिया जिससे करंट उसके शरीर में दौड़ पड़ा और वह बुरी तरह से झूलस गया।

मदद की जगह बनते रहे वीडियो

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद किशोर काफी देर तक दर्द से तड़पता रहा। अफसोस की बात यह रही कि वहां मौजूद कई लोग उसकी सहायता करने के बजाय घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। समय पर मदद नहीं मिलने से उसकी हालत और अधिक गंभीर हो गई।

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अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किशोर को तुरंत नलहड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले मानवता और सहायता का हाथ बढ़ाना जरूरी है, न कि केवल दर्शक बनकर खड़े रहना।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

Government scheme

Government scheme: इस स्कीम में बेहद छोटे निवेश पर बनोगे लखपति! जानें क्या है पूरी स्कीम

Government scheme: एसआईपी लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण के लिए सबसे अच्छा है। कम आय वाले लोग भी एसआईपी के जरिए करोड़पति बन सकते हैं। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि वे एसआईपी जल्दी शुरू करें और लगातार (20 से 25 साल तक) निवेश करते रहें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें बड़ा फंड बनाने से कोई नहीं रोक सकता। आइए जानते हैं कि आप एसआईपी से कैसे बड़ी कमाई कर सकते हैं।Government scheme

नीचे दिए गए उदाहरण से एसआईपी की ताकत को समझें

अगर कोई निवेशक हर महीने सिर्फ 2,000 रुपये की एसआईपी से म्यूचुअल फंड में निवेश करना शुरू करता है, तो वह 18 साल में कुल 4.32 लाख रुपये का निवेश करेगा। 19.2 लाख रुपये के चक्रवृद्धि रिटर्न के साथ, कुल पोर्टफोलियो वैल्यू 23.5 लाख रुपये होगी। अगर वह एसआईपी को 4,000 रुपये तक बढ़ाता है, तो कॉर्पस लगभग दोगुना होकर 47 लाख रुपये हो जाएगा, जिसमें 38.4 लाख रुपये का रिटर्न होगा।Government scheme

इतना ही नहीं, 6,000 रुपये की मासिक एसआईपी से 18 साल में 57.6 लाख रुपये जमा हो जाएंगे। वहीं, 8,000 रुपये की एसआईपी से निवेशक 17.28 लाख रुपये निवेश करेगा और 18 साल बाद उसे 94.1 लाख रुपये मिलेंगे। अगर वह 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी करता है तो 21.6 लाख रुपये का कुल निवेश चक्रवृद्धि ब्याज के साथ 1.18 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसमें से 96 लाख रुपये शुद्ध रिटर्न होगा।Government scheme

एसआईपी एक अनुशासित तरीका है

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एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक अनुशासित तरीका है, जहां व्यक्ति नियमित, मासिक या तिमाही आधार पर एक निश्चित राशि निवेश करता है। एसआईपी निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाकर बेहतर रिटर्न दिलाने में मदद करता है, जिसका मतलब है कि जब शेयर बाजार गिरता है तो कीमतें कम होती हैं और निवेशक को अधिक यूनिट मिलती हैं

 

जब बाजार ऊपर होता है तो कम यूनिट मिलती हैं, जिससे समय के साथ औसत लागत कम हो जाती है। यह निवेशकों को बाजार की अस्थिरता से बचाता है और बाजार में समय बिताने की जरूरत को खत्म करता है।Government scheme

 

SIP के फायदे

SIP का सबसे बड़ा फायदा है डिसिप्लिन के साथ निवेश. मार्केट ऊपर-नीचे होता रहता है, लेकिन SIP में आप हर हाल में निवेश करते रहते हैं. इससे फायदा यह होता है कि कभी मार्केट गिरा होता है तो कम कीमत पर यूनिट्स मिलती हैं और कभी मार्केट ऊपर होता है तो ज्यादा कीमत पर. इस तरह निवेश का औसत सही बना रहता है. साथ ही, लंबे समय में कंपाउंडिंग से आपकी छोटी बचत बड़ी रकम में बदल सकती है.

 

SIP क्या है और कैसे शुरू करें?

SIP यानी सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (Systematic Inestment Plan) में आप हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. इसे शुरू करने के लिए आपको किसी म्यूचुअल फंड कंपनी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोलना होता है. KYC पूरी करने के बाद आप फंड चुनते हैं, SIP की तारीख और रकम तय करते हैं. इसके बाद हर महीने आपके बैंक अकाउंट से तय राशि अपने-आप कट जाती है.

 

नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, दो गांवों में सीआईए का छापा 

Rewari News: नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, दो गांवों में सीआईए का छापा 

Rewari News: रेवाड़ी पुलिस के द्वारा अपराध और नशे के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है। पुलिस के द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले की पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया जिसके दौरान  सीआईए टीम और डॉग स्क्वॉड ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के दो गांवों में कई संदिग्ध स्थानों पर जांच-पड़ताल की। पुलिस के इस अचानक की गई कार्रवाई से गांव में हंगामा मच गया।

सुबह-सुबह पुलिस ने दी दबिश

पुलिस के द्वारा सुबह-सुबह ही जांच पड़ताल अभियान शुरू कर दिया गया था। गांवों में पहुंची पुलिस और डॉग स्क्वॉड ने कई मकानों, खाली प्लॉटों और अन्य संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नशीली पदार्थों को जिले में आने से रोकना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई जांच

अभियान में विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड को शामिल किया गया, ताकि छिपाकर रखे गए किसी भी संदिग्ध सामान या नशीले पदार्थ का पता लगाया जा सके। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की।

नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश

पुलिस का कहना है कि जिले में नशे और अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है, जिससे असामाजिक तत्वों पर दबाव बनाया जा सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

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झाड़-फूंक के बहाने महिला से रेप, बेहोशी की हालत में होटल ले जाकर दुष्कर्म 

Haryana Crime News: झाड़-फूंक के बहाने महिला से रेप, बेहोशी की हालत में होटल ले जाकर दुष्कर्म 

Haryana Crime News: हरियाणा के पलवल में महिला के साथ बलात्कार की खबर सामने आ रही है। पीड़ित महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दिया है। आरोप है कि परिवार की परेशानियों और बीमारियों का समाधान का झांसा देकर एक तांत्रिक ने महिला के साथ बलात्कार किया है।

परिचित ने बनाया भरोसा, फिर दिया तांत्रिक का लालच

शिकायत के अनुसार आरोपी युवक पीड़िता के परिवार से परिचित था और अक्सर उनके घर आता-जाता था। इस दौरान परिचित में महिला का भरोसा जीत लिया और बताया कि उसका तांत्रिकों के साथ पहचान है।

झाड़-फूंक के दौरान बिगड़ी महिला की हालत

महिला ने बताया कि तांत्रिक ने झाड़ फूक की प्रक्रिया शुरू की जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और फिर महिला को पलवल के होटल में तांत्रिक ले गया जहां उसके साथ बलात्कार किया गया।

आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने का आरोप

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पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो का डर दिखाकर महिला को ब्लैकमेल किया गया।

ब्लैकमेल कर लगातार शोषण करने की शिकायत

महिला का कहना है कि आरोपी लंबे समय तक उसे बदनाम करने की धमकी देता रहा। अश्लील सामग्री सार्वजनिक करने की चेतावनी देकर उस पर दबाव बनाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

पुलिस के द्वारा शिकायत दर्ज कर लिया गया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने महिला को भरोसा दिलाया है कि हर हाल में महिला को इंसाफ मिलेगा।

क्लर्क भर्ती व्यवस्था में बदलाव, प्रमोशन और सीधी भर्ती के नए नियम लागू

Haryana News: क्लर्क भर्ती व्यवस्था में बदलाव, प्रमोशन और सीधी भर्ती के नए नियम लागू

Haryana News: हरियाणा में क्लर्क भर्ती परीक्षा और प्रमोशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के द्वारा क्लर्क भर्ती से जुड़ा नया नियम लागू कर दिया गया है। नए नियम के अंतर्गत अब सरकारी विभागों में क्लर्कों की नियुक्ति, पदोन्नति, वरिष्ठता, प्रोबेशन और सेवा शर्तों को एक समान ढांचे में संचालित किया जाएगा। नए नियमों को लागू करने का उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता बनाना है और भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म करना है।

30% पद पदोन्नति से भरने का प्रावधान

नए नियमों के अनुसार क्लर्क के कुल पदों में से 30% पद ग्रुप-डी कर्मचारियों की पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। वहीं 65 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। 5% पद को अनुकंपा के आधार पर भरा जाएगा वहीं अगर जरूरत पड़ी तो प्रमोशन के आधार पर भी कुछ पदों को भरा जाएगा।

पदोन्नति के लिए तय की गई पात्रता

नए नियमों के अंतर्गत अब ग्रुप डी कर्मचारियों को क्लर्क बनने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है इसके साथ ही साथ उनका विभाग में 5 साल का कार्यकाल पूरा हो जाना चाहिए। वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अच्छे अथवा बहुत अच्छे दर्ज होने चाहिए।

कई पद अब लिपिक श्रेणी में शामिल

नई व्यवस्था के तहत क्लर्क-कम-टाइपिस्ट, टाइपिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, डिस्पैचर, रिकॉर्ड कीपर, कैशियर, केयर टेकर, स्टोर कीपर और पीबीएक्स क्लर्क जैसे विभिन्न पदों को भी लिपिक श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे कर्मचारियों की सेवा संरचना अधिक सुव्यवस्थित होगी।

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क्लर्क भर्ती परीक्षा पास करने के लिए कंप्यूटर टेस्ट पास करना जरूरी होगा। राज्य सरकार का कहना है कि नए नियम के लागू होने के बाद पारदर्शिता बढ़ जाएगी। वही भ्रष्टाचार के मामले भी काम आएंगी इसके साथ ही साथ यह नया नियम छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। सरकार ने कहा है कि किसी भी हाल में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विकास परियोजनाओं पर होगी डिजिटल निगरानी, QR स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

Haryana News: विकास परियोजनाओं पर होगी डिजिटल निगरानी, QR स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

Haryana News: हरियाणा सरकार के द्वारा विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब राज्य के सभी विकास कार्यों की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से सभी विकास कार्यों को जोड़ा जाएगा ताकि QR कोड स्कैन करते हैं सभी जानकारी मिल सके।

मोबाइल स्कैन करते ही खुलेगी पूरी परियोजना की जानकारी

नई व्यवस्था के तहत सड़क, पुल, सरकारी भवन और अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के स्थलों पर QR कोड लगाए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से कोड स्कैन कर परियोजना की लागत, निर्माण अवधि, कार्य की प्रगति और संबंधित एजेंसी की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इससे लोगों को सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने में आसानी होगी।

गुणवत्ता जांच के लिए मजबूत होगा निगरानी तंत्र

राज्य सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी ऑडिट और निरीक्षण व्यवस्था को और मजबूत बना रही है। परियोजनाओं के विभिन्न चरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या लापरवाही को समय रहते सुधारा जा सके।

बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगी थर्ड पार्टी की नजर

सरकारी एजेंसियों के अलावा बड़े विकास कार्यों में स्वतंत्र थर्ड पार्टी निरीक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे निर्माण कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव होगा और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।

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निर्माण सामग्री की होगी वैज्ञानिक जांच

सरकार निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित कर रही है। इसके साथ ही इंजीनियरों और अधिकारियों को नई तकनीकों तथा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सके।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी

QR कोड आधारित प्रणाली का सबसे बड़ा उद्देश्य सरकारी परियोजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है। नागरिक सीधे परियोजना की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे विभागों की जवाबदेही बढ़ेगी और विकास कार्यों पर सार्वजनिक निगरानी भी संभव हो सकेगी।

सरकार को उम्मीद है कि इस डिजिटल पहल से हरियाणा में आधारभूत ढांचा विकास की गुणवत्ता में सुधार होगा और सार्वजनिक परियोजनाओं के संचालन में पारदर्शिता के नए मानक स्थापित होंगे।

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