शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Haryana: हरियाणा में इस बार राशन डिपो पर नहीं मिलेगा बाजरा, जानिए क्यों ?

Written by: सुनील चौहान

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Haryana News: हरियाणा के सर्दियों के मौसम में गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन में बाजरा फिर से गायब हो गया है। दिसंबर के राशन वितरण में भी बाजरा शामिल नहीं किया…


Haryana News: हरियाणा के सर्दियों के मौसम में गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन में बाजरा फिर से गायब हो गया है। दिसंबर के राशन वितरण में भी बाजरा शामिल नहीं किया गया है, जैसे कि पिछले महीने नवंबर में हुआ था। बीपीएल राशन कार्ड धारकों को इस बार केवल गेहूं, चीनी और सरसों का तेल ही मिलेगा। बाजरा का अभाव गरीबों के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि पिछले कई सालों से सर्दियों में राशन में बाजरा जरूर दिया जाता था।Haryanaआमतौर पर सर्दियों में राशनकार्ड धारकों को 5 किलो गेहूं की जगह 3 किलो गेहूं और 2 किलो बाजरा दिया जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। डिपो पर भी इस बात को लेकर संशय है क्योंकि बाजरा की सप्लाई नहीं हो रही। राशनकार्ड धारक बाजार से बाजरा खरीदने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। कई परिवारों ने सरकार से मांग की है कि राशन डिपो पर बाजरा पहुंचाया जाए ताकि वे महंगे दामों पर बाजरा न खरीदना पड़े।Haryanaखाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार ने मंडियों से बाजरे की खरीद नहीं की है। लगातार हुई बारिश की वजह से बाजरे की फसल खराब हो गई और उसका रंग काला पड़ गया जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई। इसी कारण से सरकार ने बाजरा खरीदने से बचाव किया है और इसका असर सीधे राशन वितरण पर पड़ा है।इस फैसले से हरियाणा के लाखों गरीब परिवारों को परेशानी होगी क्योंकि बाजरा सर्दियों में एक महत्वपूर्ण पोषक अनाज है। बाजार से महंगे दामों पर बाजरा खरीदना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा। अब सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह जल्द बाजरा की व्यवस्था करे और गरीबों की मदद करे।गरीबों के लिए यह समय बेहद मुश्किल भरा है क्योंकि मौसम भी ठंडा है और पोषण का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में राशन में बाजरे का अभाव उनकी सेहत पर भी असर डाल सकता है। उम्मीद है कि सरकार जल्द इस समस्या का समाधान निकालेगी।
सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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