Govt Scheme: भारत सरकार की ओर से चल रही ‘स्पॉन्सरशिप फॉस्टर केयर स्कीम’ अब जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ रही है. इस योजना के तहत हर महीने ₹4000 की सहायता राशि उन बच्चों को दी जा रही है जो विधवा, तलाकशुदा, अनाथ, या परिवार से त्यागे गए हों.Govt Scheme
सरकार की इस योजना का नाम ‘मिशन वात्सल्य योजना’ (Mission Vatsalya Scheme) और केंद्र सरकार की ‘PM CARES for Children’ योजना है, जिसके तहत अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ और मध्य प्रदेश की ‘मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना’ जैसे राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के तहत भी पात्र बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये का वजीफा (Stipend) दिया जा रहा है
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल
इस योजना की जानकारी बरनाला के डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने दी. उन्होंने बताया कि ‘स्पॉन्सरशिप फॉस्टर केयर स्कीम’ को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है. योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो विभिन्न कारणों से पारिवारिक देखभाल से वंचित रह गए हैं.
किन बच्चों को मिलेगा इस योजना का लाभ? (Eligibility)
- अनाथ बच्चे: जिन्होंने कोरोना महामारी या किसी अन्य कारण से अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है।
- एकल अभिभावक के बच्चे: जिनके माता या पिता में से किसी एक का निधन हो चुका है और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
- कठिन परिस्थितियों वाले बच्चे: बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे, भिक्षावृत्ति (भीख मांगने) से रेस्क्यू किए गए बच्चे या बेघर/घुमंतू बच्चे।
- पारिवारिक संकट: जिनके माता-पिता जेल में हैं या जो गंभीर जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं।
- आयु सीमा: इस योजना का लाभ उठाने के लिए बच्चे की उम्र 0 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए
इन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ
डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा:
जिनकी मां विधवा या तलाकशुदा हों
जिन बच्चों को परिवार ने त्याग दिया हो
जो अनाथ या बेसहारा हों
जिनके माता-पिता गंभीर बीमारियों से ग्रसित हों
जो शारीरिक रूप से बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हों
जे.जे. एक्ट के अंतर्गत आने वाले बच्चे भी पात्र
जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट 2015 के तहत आने वाले सभी बच्चों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है. इसमें वे बच्चे आते हैं जो: Govt Scheme
बेघर हैं या प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए हैं
बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, या बाल विवाह के शिकार हैं
सड़क पर जीवन जी रहे हैं
शारीरिक रूप से विकलांग हैं या किसी शोषण का शिकार हुए हैं
एचआईवी/एड्स से पीड़ित हैं
PM CARES for Children योजना से जुड़े बच्चे भी शामिल
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत आने वाले बच्चे भी इस ₹4000 प्रति माह की सहायता योजना के पात्र होंगे. इससे उनके शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में स्थायित्व लाया जा सकेगा.
जानिए कौन ले सकता है लाभ
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आय सीमा निर्धारित की गई है:
ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय 72,000 रुपये तक होनी चाहिए
शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 96,000 रुपये तक तय की गई है
बच्चे को यह सहायता तब तक मिलती रहेगी जब तक वह 18 वर्ष का नहीं हो जाता. बशर्ते कि वह नियमित रूप से स्कूल जा रहा हो.
कहां और कैसे करें संपर्क?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए ज़रूरतमंद लोग बरनाला जिला प्रशासनिक परिसर में स्थित जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPU) के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. वहां से उन्हें आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ और पात्रता की पूरी जानकारी मिल जाएगी.













