रेवाड़ी (Best24News): रेवाड़ी जिले के बव्वा गांव की महिला सरपंच सुनीता देवी को रेवाड़ी उपायुक्त (DC) ने तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) बी के तहत 12 अगस्त 2026 को यह कड़ा आदेश जारी किया गया है।
DC Rewari ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान महिला सरपंच पंचायत फंड में हुई वित्तीय धांधली और अनियमितताओं का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं, जिसके चलते जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया है।

मार्च 2026 में ग्रामीणों ने की थी शिकायत, CEO की जांच में सच साबित हुए आरोप
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, गांव बव्वा निवासी सेवानिवृत्त प्राध्यापक लालाराम और ग्रामीण सत्यपाल ने मार्च 2026 में पंचायत महानिदेशक को सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत भेजी थी। महानिदेशक के निर्देश पर सीईओ (CEO) जिला परिषद ने एक विशेष जांच कमेटी गठित की।
जांच कमेटी ने 10 जून को महिला सरपंच को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब किया। कमेटी की निष्पक्ष जांच में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए लगभग सभी आरोप सच पाए गए।
जानिए महिला सरपंच पर क्या है आरोप
- सीमेंट खरीद में गड़बड़ी: बिना सही हिसाब-किताब के सीमेंट की खरीदारी दिखाना।
- बिना वाउचर भुगतान: बिना किसी वैध वाउचर के जेसीबी (JCB), वाहनों और मजदूरों (लेबर) को लाखों रुपये का भुगतान करना।
- फोटो कॉपी के आधार पर भुगतान: असली बिलों के अभाव में केवल फोटो कॉपी के सहारे लाखों रुपये की राशि जारी कर देना।
- टीडीएस (TDS) न भरना: काटी गई टीडीएस राशि को सरकारी खाते में जमा न करवाना।
- गली निर्माण में अतिरिक्त खर्च: गांव में गलियों के निर्माण कार्य में सीमा से अधिक अतिरिक्त भुगतान दर्शाना।
- रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए मांगा था समय, नहीं जमा कराई राशि
सुनवाई के दौरान महिला सरपंच सुनीता देवी ने रिकॉर्ड दुरुस्त करने और अपनी सफाई पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। जांच कमेटी ने 2 जुलाई को निर्देश दिए थे कि सरपंच 1 सप्ताह के भीतर अतिरिक्त निकाली गई राशि को पंचायत फंड में जमा कराए और उसकी रसीद बीडीपीओ (BDPO) के माध्यम से जांच कमेटी को सौंपे। लेकिन सरपंच तय सीमा में ऐसा करने में विफल रहीं, जिसके बाद डीसी ने निलंबन की यह बड़ी कार्रवाई की।












