धारूहेड़ा: (Best24News): औद्योगिक कस्बे भिवाड़ी से राजस्थान स्थित बाबा खाटू श्याम धाम के लिए 3131 फीट लंबी निशान श्याम पदयात्रा अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना हुई। श्याम भक्तों की पदयात्रा शुक्रवार को धारूहेड़ा भगत सिंह चौक पर पहुंची तो पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। श्याम भक्तों की टोली के धारूहेड़ा पहुंचते ही वातावरण ‘जय श्री श्याम’ और बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

भगत सिंह चौक से खरखड़ा तक हुआ भव्य स्वागत
पदयात्रा जब धारूहेड़ा के भगत सिंह चौक पर पहुंची, तो नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) अजय जांगड़ा, धर्मपाल, जितेंद्र, राजेश सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भव्य स्वागत किया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने धारूहेड़ा के भगत सिंह चौक से लेकर खरखड़ा गांव तक पदयात्रियों पर जोरदार पुष्पवर्षा (फूल बरसाकर) कर उनका अभिनंदन किया। बाबा श्याम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
भिवाड़ी UI से शुरू हुई यात्रा, कापडीवास से होकर पहुंची धारूहेड़ा
बता दे कि कि 3131 फीट लंबी ध्वजा पदयात्रा शुक्रवार सुबह भिवाड़ी के यूआई (UIET/UI) क्षेत्र से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई थी। हाईवे पर कापरीवास बॉर्डर होते हुए यात्रा धारूहेड़ा पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु हाथों में 3131 फीट लंबी विशाल ध्वजा थामे बाबा श्याम के भजनों पर झूमते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धारूहेड़ा में पड़ाव के दौरान भक्तों ने बाबा श्याम से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
लगातार दूसरे साल 3131 फीट ध्वज लेकर बनाया रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि इन श्याम भक्तों ने पिछले वर्ष भी 3131 फीट लंबी ध्वजा के साथ खाटू धाम की पदयात्रा निकाली थी। इस वर्ष पुनः इतनी विशाल और लंबी ध्वजा के साथ यात्रा निकालकर भक्तों ने अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय देते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

बता दे भिवाडी से खाटू जाने वाले यह सबसे बड़ी निशान श्याम पद यात्रा है। इसमें हजारों श्रद्धालु पैदल चलकर बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूधाम की ओर अग्रसर हैं। यात्रा के दौरान 3131 श्याम नाम का जयघोष किया जा रहा है, जो आस्था, एकता और विश्वास का संदेश दे रहा है। यह यात्रा 19 अगस्त तक बाबा के दरबार में पहुंचेगी। निशान यात्रा का शुभारंभ बाबा श्याम की विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने फीता काटकर और ध्वज हाथ में लेकर यात्रा को हरी झंडी दिखाई।













