Dharuhera Chairman: Best24News: धारूहेड़ा: धारूहेड़ा में नपा चेयरमैन एक बार फिर सुर्खियो में है। क्योकि एक तो पिछले तीन कार्यकाल मे लगतार अहीर वर्ग से चैयरमैन बना वहीं इस बार यानि 18 साल बाद गैर अहीर को सेवा करने का मौक मिला है। चौथी बार नपा चेयरमैन का पद संभालने वाले अजय जांगडा पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। लोगों का कहना है इस बार पिछली योजनाओ से ज्यादा विकास कार्य होगें Dharuhera Chairman
बता दे कि नगर पालिका के गठन के बाद से अब तक चार बार चेयरमैन का चुनाव हो चुका है। वर्ष 2008 में नगर पालिका धारूहेड़ा की स्थापना हुई थी और उसी वर्ष पहली बार चेयरमैन का चुनाव हुआ। पहले चेयरमैन के रूप में पवन जेलदार को जिम्मेदारी मिली, लेकिन उन्होंने करीब ढाई वर्ष बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कारोना काल में स्वर्ग सिधार गए। धारूहेड़ा में नपा स्थापना की कई यादें उनके लिए मिशाल बनी हुई है।Dharuhera Chairman

इसके बाद पहले कार्यकाल के शेष समय को पूरा करने के लिए तत्कालीन उपाध्यक्ष सुंदरलाल प्रजापत को छह माह के लिए चेयरमैन बनाया गया। बाद में बचे हुए कार्यकाल के लिए सुदेश बोहरा को चेयरमैन चुना गया। नगर पालिका के शुरुआती वर्षों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई प्रयास किए गए।Dharuhera Chairman

दूसरी बना प्रेम राव बनी चेयरपर्सन: बता दे कि वर्ष 2015 में दूसरी बार नगर पालिका चुनाव हुए, जिसमें प्रेमराव चेयरपर्सन निर्वाचित हुईं। उनके कार्यकाल के दौरान शहर में सफाई, सड़क निर्माण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई कार्य किए गए। इसके बाद वर्ष 2020 में हुए चुनाव में कंवर सिंह यादव चेयरमैन बने। उनके कार्यकाल में भी शहर के विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट आगे बढ़े।Dharuhera Chairman
हालांकि अलग-अलग कार्यकालों को लेकर लोगों की राय भी अलग-अलग रही है। किसी ने सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी तो किसी ने सड़क, जल निकासी और अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी छाप छोड़ी। हालांकि इनके कार्याकाल में उपचेयरमैन का पद पर काफी विवाद बना रहा है।Dharuhera Chairman
तीसरी बार बने कंवर सिंह: नपा में 2020 दिसंबर में चुनाव हुए जिसमें पूर्व सरपंच रहे कंवर सिंह ने जीत दर्ज करवाई। 17 जून 2026 तक कवंर सिंह चैयरमैन रहे। हालाकि मार्कशीट विवाद के चलते कंवर को पाषर्दा के शपथ के काफी समय बाद शपथ दिलाई गई। उनकी मार्कशीर्ट का मामला काफी विवादो में रहा।Dharuhera Chairman
2026 में अजय जांगडा बने चेयरमैन: 10 मई 2026 को हुए चुनाव में अजय जांगड़ा नगर पालिका धारूहेड़ा के नए चेयरमैन चुने गए हैं। अब धारूहेड़ा की जनता को नए चेयरमैन अजय जांगड़ा से कई उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि शहर में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, जलभराव और सीवर की समस्याओं का स्थायी समाधान निकले, टूटी सड़कों का निर्माण हो तथा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत किया जाए।Dharuhera Chairman

18 साल बाद गैर अहीर बना चेयरमैन: नगर पालिका की स्थापना के लगभग 18 वर्ष बाद पहली बार जनता ने किसी गैर अहीर उम्मीदवार को चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले लगातार तीन कार्यकाल अहीर वर्ग के प्रतिनिधियों के हाथ में रहे थे। ऐसे में इस चुनाव परिणाम को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पांच साल उपचेयरमैन पद रहकर की सेवा: बता कि 2020 मे वार्ड 5 से पार्षद चुनाव जीतने के बाद कंद्रीय मंत्री राव इंंद्रजीत के आशीर्वाद से अजय जांगडा उपचेयरमैन बने। हालांकि पाचं साल के दौरान उनका कार्यकाल सराहनीय रहा। ऐसा कोई वार्ड नही जहां पर उनकी ओर से सहयोग नहीं किया गया है। यही कारण है इस बार हर वार्ड से अजय जांगडा को खूब समर्थन मिला। इसी के चलते उनकी इस बार ताबड तोड विजय मिली।Dharuhera Chairman

जागडा के कार्यो पर टिकी निगाहें: लोगों का मानना है कि शहर में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, जलभराव और सीवर की समस्याओं का स्थायी समाधान निकले, टूटी सड़कों का निर्माण हो तथा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसके साथ ही पारदर्शी प्रशासन और सभी वर्गों को साथ लेकर विकास कार्यों को गति देने की भी अपेक्षा की जा रही है। आने वाले वर्षों में अजय जांगड़ा का कार्यकाल इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है, इस पर पूरे शहर की नजर रहेगी।













