रेवाड़ी (Best24News) आईएमटी बावल (IMT Bawal)के सेक्टर-3 स्थित गुरूवर देर रात सुबह दो कंपनियों में भीषण आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए बावल प्रशासन और जिला रेवाड़ी से करीब 10 दमकल वाहन मौके पर पहुंच चुके हैं। आग के चलते दोनो कंपनियों काफी नुकसान हो गया हैं फिलहाल टीमें आग बुझाने में लगी हुई हैं
बता दें कि बावल औद्योगिक कस्बे प्लाट 6 व सात में शुक्रवार सुबह सुबह ट्यूबलर बैटरी बनाने वाली तथ दूसरी कंपनी में चप्पल बनाने कंपनी में आग लग गईं आग लगने की सूचना पाकर रेवाड़ी भिवाडी, बावल व धारूहेड़ा से एक दर्जन से ज्यादा दमकल आग बुझाने में लगे हुए है। बता दे कि आग इतनी भीषण है कि धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा है और आग लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही है। सबसे अहम बात यह है दोनो की कंपनियों में आग तेजी से बढती जा रही है।

12 दमकल वाहन लगे हुए है आग बुझाने: आग पर काबू पाने के लिए बावल प्रशासन और जिला रेवाड़ी से करीब 12 दमकल वाहन मौके पर पहुंच चुके हैं। आग की लपटे बढती ही जा रही है। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। आग में दोनो कंपनियों में करोड़ों रुपये का माल जलकर राख होने की आशंका है।
आग लगने के कारणा का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। अभी तक किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ईआरवी-569 के साथ बावल थाना प्रभारी और कसौला थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। आग के आसपास की कंपनियों में सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों को बाहर निकालकर परिसर खाली कराया गया है।

पहले भी लग चुकी है भयंकर आग: बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूटीएल सोलर कंपनी के प्लांट में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। कंपनी में सोलर बैटरी, पैनल, थिनर और तेजाब होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग की 12 गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। एक बार फिर बावल में दो कंपनियों में लगी आग ने सुरक्षा नियमों पर सवाल खडे कर दिए है।
टोक्स्मो इलेक्ट्रिक स्कूटर वेयरहाउस: धारूहेड़ा में मई 2026 में ही धारूहेड़ा के राजपुरा क्षेत्र में स्थित टोक्स्मो इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के वेयरहाउस में भी आग लगने की बड़ी घटना हुई। आगजनी में काफी इलेक्ट्रिक स्कूटी व समान जलकर राख हो गया है। जांच पता चला था कि कंपनी में सुरक्षा के कोई प्रबंध ही नही था। फिलहाल आग बुझाने के संसाधन अधरे थे।













