रेवाड़ी (Best24News): रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा रेलमार्ग के कुंड-पाली-खोरी क्षेत्र में चल रहा पैच डबलिंग (दोहरीकरण) एवं इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा हो गया है। जयपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) रवि जैन ने रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा रेलखंड पर चल रहे कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया।

कार्य का मुख्य चरण पूरा होने के साथ ही शुक्रवार, 25 सितंबर से रेल सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे पिछले एक महीने से परेशान यात्रियों को भारी राहत मिलेगी। जयपुर रेल मंडल के DRM रवि जैन ने निरीक्षण के दौरान संबंधित रेल अधिकारियों से कार्य की प्रगति और संरक्षा (सुरक्षा) मानकों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने पर जोर दिया और अधिकारियों द्वारा लगातार की गई निगरानी की सराहना की।
29 अगस्त से प्रभावित था रेल यातायात
उल्लेखनीय है कि इस रेलखंड पर 29 अगस्त से 24 सितंबर तक इंटरलॉकिंग और डबलिंग का काम चल रहा था। इस कारण लगभग एक महीने तक कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रद्द (Short Terminated) या उनके रूट में बदलाव (Diverted) करके चलाया जा रहा था। रेलवे की पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 24 सितंबर को मुख्य कार्य अवधि समाप्त हो गई है। 25 सितंबर से रेलगाड़ियों का आवागमन पटरी पर लौटने से रेवाड़ी, नारनौल, अटेली, कुंड, पाली, खोरी, नीमकाथाना और रींगस क्षेत्र के हजारों दैनिक रेल यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
जानिए दोहरी लाइन (Doubling) बनने से क्या होंगे फायदे?
सिंगल लाइन पर निर्भरता खत्म होगी यानि इस रूट पर दोहरी लाइन उपलब्ध होने से सिंगल लाइन पर ट्रेनों की निर्भरता खत्म होगी। क्रॉसिंग के कारण सिग्नल पर खड़े रहने वाली ट्रेनों का समय बचेगा और संचालन अधिक सुचारु होगा। ट्रैक की क्षमता बढ़ने से भविष्य में इस रूट पर और नई पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ होगा।










