One Time Settlement Scheme 2026: रेवाड़ी (Best24News): हरियाणा सरकार ने प्रदेश के व्यापारियों और करदाताओं के बकाए कर (Pending Tax) के निपटान के लिए ‘एकमुश्त निपटान योजना 2026’ (One Time Settlement Scheme – OTS) शुरू की है। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 तय की गई है।
रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू की गई इस स्कीम का लाभ प्रदेश के 1.15 लाख से अधिक व्यापारियों ने उठाया था। इसी सफलता को देखते हुए सरकार ने पुराने बकायों, मुकदमों के समाधान और जीएसटी संग्रह को बढ़ाने के उद्देश्य से इसे दोबारा लागू किया है।
1 लाख रुपये तक का टैक्स, ब्याज और जुर्माना 100% माफ
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह स्कीम 1 जून 2026 से 28 सितंबर 2026 (120 दिन) तक प्रभावी रहेगी।
₹1 लाख तक का कर बकाया: यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के तहत वर्ष में 1 लाख रुपये तक का टैक्स बकाया है, तो उसे आवेदन करने की भी आवश्यकता नहीं है। उसका 100% टैक्स, ब्याज और जुर्माना खुद-ब-खुद माफ हो जाएगा।
हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम 1973: 1 लाख रुपये से अधिक के पुराने टैक्स बकाये पर 70 प्रतिशत की सीधी छूट दी जा रही है।
स्लैब के अनुसार टैक्स में मिलेगी इतनी छूट:
अन्य कर अधिनियमों के तहत बकाए पर सरकार द्वारा निम्नलिखित छूट दी जा रही है (जबकि ब्याज और जुर्माने पर 100% छूट है):
₹1 से ₹1 लाख तक: 100% छूट
- ₹1 लाख से ₹10 लाख तक: 60% छूट
- ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक: 50% छूट
- ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक: 40% छूट
- ₹10 करोड़ से ₹30 करोड़ तक: 35% छूट
- ₹30 करोड़ से ₹60 करोड़ तक: 30% छूट
किस्तों में भुगतान करने की विशेष सुविधा
व्यापारियों को राहत देने के लिए सरकार ने निपटान राशि को किस्तों में जमा करने का विकल्प भी दिया है:
- ₹5 लाख तक की राशि: कोई किस्त नहीं (एकमुश्त भुगतान)।
- ₹5 लाख से ₹25 लाख तक: 2 समान किस्तें (पहली आवेदन के समय और दूसरी अंतरिम आदेश से 60 दिनों के भीतर)।
- ₹25 लाख से अधिक की राशि: 3 किस्तें (पहली 40% आवेदन के समय, दूसरी 30% 60 दिनों में, और बची हुई 30% राशि तीसरी किस्त के रूप में 120 दिनों के भीतर)।
कोर्ट में लंबित मामलों में भी मिलेगा लाभ
यदि किसी व्यापारी का टैक्स संबंधी मामला अदालत या अपील स्तर पर लंबित है, तो वह केस वापस लेने की शर्त पर इस योजना का लाभ उठा सकता है। जिन मामलों में आवेदन सही पाया जाएगा, उनके खिलाफ विभाग द्वारा आगे कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।














