हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में संपत्ति कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू किया है। नई नीति के तहत अब प्रॉपर्टी टैक्स तय करने का तरीका पहले से अलग होगा। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से टैक्स प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और अलग-अलग श्रेणी की संपत्तियों का मूल्यांकन अधिक व्यावहारिक तरीके से किया जाएगा।
महिलाओं के नाम संपत्ति पर मिलेगा विशेष लाभ
नई व्यवस्था में महिलाओं के नाम पंजीकृत मकान और प्लॉट को बड़ी राहत दी गई है। ऐसे मामलों में संपत्ति कर पर 25 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करना है।
लाल डोरा क्षेत्र के मकानों को भी राहत
नगर निकाय सीमा में शामिल गांवों के लाल डोरा क्षेत्र के पात्र आवासीय मकानों को संपत्ति कर में 75 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इससे उन परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी संपत्ति इस श्रेणी में आती है।
अब इन आधारों पर तय होगा टैक्स
नई नीति के अनुसार टैक्स निर्धारण केवल प्लॉट के आकार से नहीं होगा। अब प्लॉट का क्षेत्रफल, भवन का कारपेट एरिया, कलेक्टर रेट, फ्लोर फैक्टर और संपत्ति का वास्तविक उपयोग भी गणना का हिस्सा होंगे। आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और संस्थागत भवनों के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं।
शहरी निकायों को दी गई नई जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। प्रत्येक निकाय निर्धारित सीमा के भीतर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार टैक्स दर तय कर सकेगा, जिससे राजस्व व्यवस्था अधिक संतुलित हो सके।
अचानक नहीं बढ़ेगा टैक्स का बोझ
यदि नई गणना के अनुसार किसी संपत्ति का टैक्स पहले से अधिक बनता है, तो उसकी वसूली चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इससे लोगों को एकमुश्त अतिरिक्त भुगतान का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
कई संस्थानों और वर्गों को मिलेगी छूट
नई नीति में धार्मिक स्थल, सरकारी स्कूल, सरकारी अस्पताल, कृषि उपयोग की भूमि, श्मशान, कब्रिस्तान, धर्मार्थ संस्थान, सैनिक एवं पूर्व सैनिक परिवारों, युद्ध विधवाओं और अन्य पात्र श्रेणियों को नियमों के अनुसार कर में राहत देने का प्रावधान रखा गया है।
समय पर टैक्स जमा करने वालों को अतिरिक्त फायदा
निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को विशेष छूट मिलेगी। लगातार समय पर टैक्स जमा करने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। वहीं दिव्यांग व्यक्तियों के स्वामित्व वाली पात्र संपत्तियों और बेहतर ठोस कचरा प्रबंधन अपनाने वाली ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिलेगा।
एक महीने तक पुरानी व्यवस्था का विकल्प
सरकार ने नई नीति लागू होने के बावजूद एक महीने तक पुराने नियमों के अनुसार टैक्स जमा कराने की सुविधा भी दी है। जिन लोगों ने पहले ही चालू वित्त वर्ष का टैक्स जमा कर दिया है, उन पर नई व्यवस्था का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।नई प्रॉपर्टी टैक्स नीति से कर निर्धारण अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। महिलाओं, लाल डोरा क्षेत्र के निवासियों और अन्य पात्र वर्गों को राहत मिलने के साथ-साथ समय पर टैक्स जमा करने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे शहरी निकायों की आय और नागरिकों दोनों को संतुलित लाभ मिलेगा।














