हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर बुधवार को करीब 11 घंटे तक बंद रहने से आम लोगों, ट्रांसपोर्टरों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही सीमा पर आवाजाही रोक दिए जाने के कारण हजारों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ा। इससे सफर की दूरी बढ़ गई, कई जगह ट्रैफिक का दबाव बढ़ा और लोगों को अतिरिक्त समय के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल पर भी अधिक खर्च करना पड़ा। शाम को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद बॉर्डर दोबारा खोल दिया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है ।
सुबह से बंद रही आवाजाही, हजारों वाहन वैकल्पिक रूट पर भेजे गए
बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बाद पुलिस ने सुबह से ही वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। दिल्ली-पंजाब मार्ग पर चलने वाले छोटे-बड़े वाहनों को अंबाला, जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू और अन्य वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया गया। अचानक ट्रैफिक बढ़ने से इन सड़कों पर भी कई स्थानों पर धीमी रफ्तार और जाम जैसी स्थिति देखने को मिली।शंभू बॉर्डर बंद रहने का सबसे ज्यादा असर मालवाहक वाहनों पर देखने को मिला। ट्रकों और अन्य कमर्शियल वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा, जिससे डीजल की खपत बढ़ गई। परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अतिरिक्त दूरी तय करने से न सिर्फ लागत बढ़ी बल्कि कई जगह सामान की डिलीवरी भी तय समय से देरी से पहुंची।
निजी वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
रोजाना इस मार्ग से सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और निजी वाहन चालकों को भी दिनभर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय यात्रा में लगाना पड़ा। लंबा रूट अपनाने के कारण ईंधन खर्च बढ़ा और कई लोग अपने जरूरी काम समय पर नहीं निपटा सके।यातायात बंद होने का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ा। जानकारी के अनुसार एक एंबुलेंस को भी बॉर्डर के पास रास्ता नहीं मिल सका, जिसके कारण उसे वापस लौटना पड़ा। इससे स्पष्ट हुआ कि लंबे समय तक मार्ग बंद रहने से आम लोगों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वार्ता सफल होने के बाद शाम को खुला बॉर्डर
दिनभर चली गतिविधियों के बाद शाम को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत सकारात्मक रही। इसके बाद शंभू बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई। हालांकि लंबे समय तक बंद रहने के कारण ट्रैफिक का दबाव देर शाम तक बना रहा और सामान्य स्थिति बहाल होने में कुछ समय लगा।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू
बॉर्डर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और एहतियात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए गए। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।













