रेवाड़ी: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में आज भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने रेवाड़ी की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन के आह्वान पर किसानों और मजदूरों ने किसान भवन से लेकर उपायुक्त (DC) कार्यालय तक मोटरसाइकिलों के एक बड़े काफिले के साथ ‘बाइक मोर्चा’ निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की।
शहर के मुख्य चौकों से गुजरा काफिला, CTM को सौंपा ज्ञापन
किसानों का यह विशाल मोटरसाइकिल काफिला किसान भवन से शुरू होकर शहर के प्रमुख व्यस्त इलाकों जैसे अग्रसेन चौक, बड़ा तालाब और बावल चौक से होते हुए सचिवालय (डीसी ऑफिस) पहुंचा। वहां किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सीटीएम (CTM) जितेंद्र प्रसाद को सौंपा। ज्ञापन लेने के बाद सीटीएम जितेंद्र प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और चिंताओं को उच्च स्तर पर सरकार तक तुरंत पहुंचा दिया जाएगा।
“ट्रेड डील है किसान-मजदूरों के लिए डेथ वारंट” — समय सिंह प्रधान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूनियन के प्रधान समय सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस ट्रेड डील पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“यह भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसान, मजदूर और डेयरी पालकों के लिए किसी ‘डेथ वारंट’ से कम नहीं है। अमेरिका से जो अनाज भारत आएगा, वह बेहद सस्ता होगा और उस पर कोई टैक्स भी नहीं लगाया जा रहा है, जबकि हमारे यहां से जाने वाले सामान पर भारी टैक्स रहेगा। इससे हमारे देश का कृषि बाजार पूरी तरह तबाह हो जाएगा।”
प्रधान समय सिंह ने मवेशियों के आयात पर भी चिंता जताते हुए कहा कि वहां से आने वाली गायें हमारे माहौल के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे पर न तो सत्ताधारी बीजेपी का कोई नेता मुंह खोल रहा है और न ही विपक्ष में बैठी कांग्रेस का कोई नेता किसानों के पक्ष में बोल रहा है।
कृषि कानूनों की तर्ज पर आर-पार की लड़ाई का संकल्प
यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसान इस लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के किसानों ने एकजुट होकर तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेने पर सरकार को मजबूर किया था, ठीक उसी तरह इस जनविरोधी ट्रेड डील को भी वापस करवा कर ही दम लेंगे।
21 तारीख को दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत
आंदोलन को और धार देने के लिए यूनियन ने अगली बड़ी रणनीति का ऐलान कर दिया है। किसान नेताओं ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी 21 तारीख को दिल्ली में किसान घाट पर एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है। देश भर से जुटने वाले किसान संगठन इस महापंचायत में आगे के आंदोलन की दिशा तय करेंगे और कोई बड़ा फैसला लेंगे।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद:
इस विशाल बाइक मोर्चे में समय सिंह प्रधान के साथ मुख्य रूप से ओपी लोहाणा, लोकेश बावल, मुन्नी बूढ़पुर, मोनिका, मास्टर कमल, रोशन लाल दरोगा, वेद सुल्तानिया, अशोक नम्बरदार, राजकुमार, कृष्ण कुमार सैनी, मनीषा यादव, सुमन राजपूत सहित भारी संख्या में किसान और यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।













