धारूहेड़ा: मानसून और बदलते मौसम को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आकेड़ा में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में बुखार सर्वे, लार्वा जांच, फॉगिंग जनजागरूकता गतिविधियां की जा रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आकेड़ा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक रोहिल्ला ने बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी के निर्देशानुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और समय पर जांच व उपचार से डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। टीमों को ओर से डोर टू डोर अभियान चलाया जा रहा है।
टीम घर घर जाकर कर रही सर्वे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आकेड़ा के निरीक्षक कपूर ने बताया कि टीम घर घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों का सर्वे कर रही है। इसके साथ ही कूलर, टायर, पानी की टंकियों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। ग्राम पंचायत आकेड़ा के सहयोग से संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग और टेमीफोस का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
आमजन से की ये अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कूलर, फ्रिज की ट्रे, गमलों और पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें तथा हर तीन दिन में पानी बदलें। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी या शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
डेंगू के लक्षण व बचाव
डेंगू एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से होने वाला वायरल संक्रमण है। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (104°F तक), सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों-मांसपेशियों में दर्द, और त्वचा पर लाल चकत्ते आना शामिल हैं। बचाव के लिए आसपास पानी जमा न होने दें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
डेंगू से बचाव (Prevention from Dengue)डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने से खुद को बचाना है। कूलर, गमलों, टायरों या छत पर पानी इकट्ठा न होने दें। हर हफ्ते इन्हें खाली करके सुखाएं। दिन और रात दोनों समय सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े (फुल स्लीव शर्ट और फुल पैंट) पहनें। घर से बाहर निकलते समय मच्छरों से बचाव के लिए क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं ताकि मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें।
डेंगू के लक्षण (Symptoms of Dengue)मच्छर के काटने के लगभग 4 से 10 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं लगभग 101 से 104°F तक तेज बुखार आना। सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, तथा आंखों को घुमाने में दर्द होना। शरीर, हाथ-पैरों पर लाल दाने या चकत्ते उभरना। अत्यधिक थकान और भूख न लगना।













