Haryana Property News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के लिए आसान बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
नई व्यवस्था के तहत अब तहसील और उप-मंडल स्तर के रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में रोजाना सीमित संख्या में ही अपॉइंटमेंट दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे कार्यालयों में अव्यवस्था कम होगी और सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सकेगा।
सीमित टोकन व्यवस्था से प्रक्रिया होगी व्यवस्थित
नई प्रणाली के अनुसार प्रत्येक रजिस्ट्रेशन कार्यालय में प्रतिदिन अधिकतम 20 टोकन जारी किए जाएंगे। इन टोकनों का आवंटन तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा ताकि किसी व्यक्ति को विशेष प्राथमिकता न मिले। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर आवेदक के साथ समान व्यवहार हो और रजिस्ट्री के लिए अनावश्यक इंतजार की स्थिति कम हो।
वीआईपी संस्कृति और दलालों की भूमिका पर लगेगी रोक
सरकार का मानना है कि वर्षों से रजिस्ट्री कार्यालयों में सिफारिश और एजेंटों के जरिए जल्दी काम कराने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद इस तरह की गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। इससे आम लोगों को भी बिना किसी दबाव या अतिरिक्त खर्च के अपनी बारी मिलने की संभावना बढ़ेगी।
डिजिटल तकनीक से होगी दस्तावेजों की सुरक्षा
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए पेपरलेस सिस्टम को और मजबूत किया गया है। अब आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमैट्रिक सत्यापन आवश्यक होंगे। इसके अलावा प्रत्येक रजिस्ट्री दस्तावेज पर क्यूआर कोड उपलब्ध रहेगा, जिससे उसकी प्रामाणिकता को आसानी से सत्यापित किया जा सकेगा।
विदेश में रहने वाले लोगों को भी मिलेगी सुविधा
प्रदेश से बाहर या विदेश में रहने वाले लोगों के लिए भी सरकार ने नई सुविधा शुरू करने की तैयारी की है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों की सहायता से रजिस्ट्री की औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। इससे प्रवासी हरियाणावासियों को बार-बार भारत आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश
राजस्व विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित इंतकाल मामलों को भी तय अवधि में पूरा करने पर जोर दिया गया है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना उचित कारण काम में देरी करता है या जानबूझकर बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ कम होने, प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और नागरिकों का समय बचने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि डिजिटल तकनीक और टोकन प्रणाली के संयोजन से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सरल और भरोसेमंद बनेगा।

















