धारूहेड़ा : वर्षों से बनी दूषित पानी की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हरियाणा सरकार ने मसानी बैराज में जमा होने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नई परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। बात दे कि इस योजना के तहत मसानी बैराज से ड्रेन-8 तक करीब 18 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
गुजरात से पहुचे पाइप,: परियोजना के लिए गुजरात से बड़े आकार के पाइप भी पहुंचने शुरू हो गए हैं और संबंधित एजेंसियों ने साइट पर प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इस योजना के पूरा होने के बाद रेवाड़ी, धारूहेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव तथा दूषित पानी की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन गांवों से गुजरेगी लाइन
जानकारी के अनुसार यह पाइपलाइन रेवाड़ी जिले के, रोजका, तातारपुर, ईस्तमुरार, खलियावास सहित कई गांवों तथा गुरुग्राम जिले के महनियावास, खलीलपुर, आदि गांवों से होकर गुजरेगी। इस लाइन के लिए फिलहाल गुजरात से पाइप भी मसानी पहुंच चुकी है। जिसको लेकर आज से काम शुरू कर दिया जाएगा।

क्यो हुआ देरी से काम
परियोजना के लिए भूमि उपयोग अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। हरियाणा भूमिगत पाइपलाइन अधिनियम 2008 के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद सिंचाई विभाग को निर्धारित भूमि पर पाइपलाइन बिछाने का अधिकार मिल गया है। जिन स्थानों पर आपत्तियां दर्ज हुई थीं, उनका निस्तारण भी विभागीय स्तर पर किया जा रहा है।
योजना के तहत मसानी बैराज से मोजाबाद तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी ले जाया जाएगा। इसके बाद प्राकृतिक मार्ग और ओपन चैनल के जरिए आगे निकासी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से लंबे समय से चली आ रही दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।Breaking News
बता दे की मसानी बैराज में धारूहेड़ा बवाल व रेवाड़ी से बड़ी मात्रा में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है शुरुआत में सरकार ने योजना बनाई थी कि रेवाड़ी व बवाल से साफ किए हुए पानी को यहां पर छोड़ा जाएगा ताकि यहां पर कृतिम झील बनाई जा सके। लेकिन रेवाड़ी से आने वाले पानी को साफ किए बिना ही यहां पानी छोड़ा जा रहा है ।Breaking News
लेकिन मसानी में गंदा में जमा हो चुका है कि बार-बार पानी ओवरफ्लो होकर मसानी के आसपास गांव में तथा खेतों में पहुंच रहा है । इस दूषित पानी से काफी किसानों की मशीन बंजर हो चुकी है

यह शिकायत का मामला जब एनजीटी में पहुंचा तो सरकार ने प्रयास किया कि इस पानी को कहीं और छोड़ जाए । इस योजना को लेकर अब कार्य शुरू हो चुका है।लेकिन सवाल यह है कि यह योजना इतनी लंबी है कि इस पानी को दूसरी जगह भेजने के लिए काफी समय लग जाएगा। कहीं ऐसा ना हो कि यह योजना के पूरा आसान और फिर से यह समस्या बरकरार रहे
अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द गति पकड़ने वाला है। इससे न केवल जलभराव की समस्या कम होगी बल्कि आसपास के गांवों और शहरी क्षेत्रों को भी स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा।Breaking News










