Haryana Marriage Scheme: हरियाणा सरकार राज्य के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी को आर्थिक रूप से आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना चला रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को शादी के खर्च में मदद के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी बेटी के विवाह में बाधा न बने।
क्या है मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना?
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है। इसके माध्यम से गरीब परिवारों, विधवा महिलाओं की बेटियों, अनाथ लड़कियों, दिव्यांग व्यक्तियों और अन्य पात्र वर्गों को विवाह के समय आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता राशि लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है।
किन लोगों को मिलता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ हरियाणा के स्थायी निवासियों को दिया जाता है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, अनुसूचित जाति वर्ग, बीपीएल परिवार, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं की बेटियां, अनाथ बालिकाएं, खेल क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं और दिव्यांगजन इस योजना के लिए पात्र माने जाते हैं।
योजना के तहत परिवार की आय और सामाजिक श्रेणी के आधार पर सहायता राशि तय की जाती है।
कितनी मिलती है आर्थिक सहायता?
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में अधिकतम 71 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अनुसूचित जाति, डीटी और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलता है। वहीं अन्य पात्र श्रेणियों के लिए 31 हजार रुपये से लेकर 51 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है।
दिव्यांग नवविवाहित जोड़ों को भी विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है, जिससे उनके विवाह संबंधी खर्चों का बोझ कम हो सके।
योजना के लिए जरूरी पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदक परिवार हरियाणा का निवासी होना चाहिए तथा निर्धारित आय सीमा की शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पात्र आवेदक अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद योजना का चयन कर आवश्यक जानकारी भरनी होती है। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। पात्र पाए जाने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
ऑफलाइन आवेदन की भी सुविधा
जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा जांच की जाती है और स्वीकृति मिलने पर सहायता राशि जारी कर दी जाती है।
आवेदन की समय सीमा का रखें ध्यान
योजना का लाभ लेने के लिए समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से विवाह से पहले आवेदन करने की सुविधा दी गई है। वहीं विवाह के बाद भी सीमित अवधि के भीतर आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन पर विचार नहीं किया जाता।
30 दिनों के भीतर हो सकता है भुगतान
यदि आवेदन और दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सहायता राशि जारी की जाती है। सरकार का दावा है कि पात्र मामलों में आवेदन के निस्तारण और भुगतान की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाती है।
जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। शादी जैसे बड़े सामाजिक आयोजन में वित्तीय सहायता मिलने से हजारों परिवारों को राहत मिलती है और बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक चिंताएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।













