Haryana News: उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा में सरकार मेक इन हरियाणा की पॉलिसी लागू की है। सबसे अहम बात यह है हरियाणा में आईएमटी के लिए जमीन देने वाले किसानों को जमीन का आधा हिस्सा मिलेगा। जब तक आईएमटी विकसित नहीं होगी, चार साल तक किसानों को फसलों की भरपाई के रूप में प्रतिवर्ष प्रतिएकड़ एक लाख रुपए की अदायगी की जाएगी।
मेक इन हरियाणा पोलीसी लागू: किसानों के लिए बडी खुशी की बात है कि हरियाणा मेंप्रदेश सरकार ने मेक इन हरियाणा की पॉलिसी लागू की है। जिसमें सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए यह निर्णय लिया है।Haryana News
हरियाणा सरकार ने लिया बडा फैसला: उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने रविवार को गांव पाल्हावास में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा किमेक इन हरियाणा की नई पॉलिसी गुरुग्राम में एक जून को लॉच की थी। जिसमें एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।जिस दिन जमीन की रजिस्ट्री होगी उसी दिन किसान के खाते में एकमुश्त रकम की अदायगी कर दी जाएगी।
रोजगार के मिलेगें अवसर: बता दे बडा ही गर्व है कि आईएमटी के बनने से रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे । इतना ही नहीं दक्षिण हरियाणा का चहुंमुखी विकास होगा। यह आईएमटी बनने से न केवल रेवाड़ी जिला बल्कि प्रदेश की भी आर्थिक प्रगति होगी।
मुख्यमंत्री जानते हैं कि 2047 के विकसित भारत का संकल्प औद्योगिक विकास से ही संभव हो सकता है। विजन को आगे बढ़ाते हुए मेक इन हरियाणा पॉलिसी लाँच की है। प्रदेश में 10 नई आईएमटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पोर्टल पर आवेदन करें किसान
चीफ कोऑर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा ने कहा कि कोसली क्षेत्र में बनने वाली आईएमटी के लिए भी किसान जल्दी से जल्दी जमीन दें। इसके लिए किसान ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं, या लैंड पुलिंग पोलिसी का चयन कर सकते हैं।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर किसानों की ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर सरपंच महेश कुमार, सतपाल थानेदार, पूर्व सरपंच गजराज, रामौतार कतोपुरी, सुनील यादव, राकेश एग्रीगेटर इत्यादि किसान उपस्थित रहे।













