Jaspal Rana Death: अपने गुरु जसपाल राणा के अंतिम विदाई में मनु भाकर काफी इमोशनल हो गई और जोर-जोर से रोने लगी। जसपाल राणा का पार्थिव शरीर देखकर मनु अपने आप पर काबू नहीं कर पाई और रोने लगे इस दौरान लोगों ने उन्हें संतावना दिया। मनु भाकर करके ओलंपिक जीतने में उनके गुरु का अहम योगदान था।
अंतिम दर्शन में छलका दर्द
जैसे ही मनु भाकर ने अपने गुरु के अंतिम दर्शन किए, वे कुछ क्षणों तक मौन खड़ी रहीं। उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जसपाल राणा सिर्फ उनके गुरु नहीं बल्कि उनके पिता के समान थे और आज उन्होंने अपने पिता समान गुरु को खो दिया है।
जसपाल राणा ने बनाया एक चैंपियन
मनु भाकर ने कहा कि उनके खेल जीवन की हर बड़ी उपलब्धि के पीछे जसपाल राणा का योगदान रहा है। उन्होंने अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व सिखाया। मनु ने बताया कि गुरु की दी गई सीख हमेशा उनके साथ रहेगी और आगे भी उन्हें प्रेरित करती रहेगी।
ओलंपिक इतिहास रचने में रहा अहम योगदान
जसपाल राणा के मार्गदर्शन में मनु भाकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई उपलब्धियां हासिल कीं। पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीतकर उन्होंने भारतीय शूटिंग इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। इस सफलता के पीछे राणा की रणनीति और प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण माना जाता है।













