Rewari News: रेवाड़ी शहर में स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर परिषद ने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए चार रंगों वाले डस्टबिन सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया है। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था बाजारों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लागू की जाएगी। इसके बाद इसे आवासीय क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
निर्धारित रंग के डब्बे में डालना होगा कचरा
नगर परिषद की नई योजना के तहत अलग-अलग प्रकार के कचरे को निर्धारित रंग के डस्टबिन में डालना होगा। इससे गीले, सूखे और अन्य श्रेणी के कचरे को एक-दूसरे से अलग रखा जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे कचरा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनेगी।
नियमों की अनदेखी पर लगेगा जुर्माना
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नई व्यवस्था केवल जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। यदि कोई व्यक्ति, व्यापारी या संस्थान निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत लागू होगी योजना
नगर परिषद ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुरूप कचरा पृथक्करण प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों के सदस्यों ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में शहर की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों से सहयोग की अपील की गई।
32 वार्डों को 14 बीट में बांटकर होगी निगरानी
सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शहर के 32 वार्डों को 14 बीट में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बीट में कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है ताकि नियमित निगरानी और सफाई कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। इससे शिकायतों का समाधान भी तेजी से किया जा सकेगा।
नगर परिषद के पास वर्तमान में सैकड़ों सफाई कर्मियों की टीम कार्यरत है। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, जेसीबी और अन्य आधुनिक मशीनों की मदद से कचरा उठाने और सफाई अभियान को गति दी जा रही है।
व्यापारिक संगठनों को दिया गया प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में बताया गया कि कचरे को उसकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग डस्टबिन में डालना होगा। बाद में नगर परिषद की डोर-टू-डोर कलेक्शन टीम उसी श्रेणी के कचरे को अलग-अलग वाहनों या बॉक्स में एकत्र करेगी।













