Dharuhera Election: धारूहेड़ा: धारूहेड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 16 के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित वर्मा की अदालत ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुनाए गए रिजल्ट में अदालत ने साफ बताया गया है मनीषा सैनी शपथ ले सकती है या नही, क्या उसकी पावर रहेगी, आगे कोर्ट केस चलेगा या नही।Dharuhera Election
अदालत ने चुनाव में विजयी घोषित उम्मीदवार को केवल आरोपों के आधार पर शपथ लेने और पद संभालने से नहीं रोका जा सकता। इसी को लेकर अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए नवनिर्वाचित पार्षद मनीषा सैनी को शपथ लेने से रोकने की मांग खारिज कर दी। यानि वह शपथ लेगी। लेकिन केस अभी बंद नही होगा, सबूतो के आधार पर आगे केस जारी रहेगा।Dharuhera Election

दीपा रूस्तोगी ने अदालत के निर्णय को लेकर ये कहा: मतदान में हुई धांधली को लेकर दीपा रूस्तोगी की ओर दायर अपील में बुधवार को सुनाए फैसले को लेकर एक बार फिर सेशन कोर्ट का दरबाजा खटखटाने की बात कही है। उनका आरोप है कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए भी उसके शपथ लेने पर स्टे नहीं दी।
जबकि याचिका ने फर्जीवाडे को लेकर सबूत देकर केस दायर किया है। वह किसी भी कीमत पर पीछे नही हटेगी चाहे उसे हाई कोर्ट जाना पडे। उनका आरोप है कहीं न कहीं कोर्ट ने उसके अपील को नकारा है जबकि सबूत देने के बावजूद उसकी शपथ नहीं रोकी गई।Dharuhera Election
दीपा रस्तोगी ने अदालत के अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि अदालत ने केवल अंतरिम राहत संबंधी मांग पर फैसला दिया है, जबकि मुख्य चुनाव याचिका अभी विचाराधीन है। उनका दावा है कि उन्होंने जिन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर याचिका दायर की है, उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।Dharuhera Election
कोर्ट ने सुनाया ये फैसला: रेवाड़ी के धारूहेड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 16 के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित वर्मा की अदालत ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने चुनाव में विजयी घोषित उम्मीदवार को केवल आरोपों के आधार पर शपथ लेने और पद संभालने से नहीं रोका जा सकता। इसी को लेकर अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए नवनिर्वाचित पार्षद मनीषा सैनी को शपथ लेने से रोकने की मांग खारिज कर दी।Dharuhera Election
दीपा रूस्तोगी ये लगाए थे आरोप: याचिकाकर्ता दीपा रस्तोगी ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि वार्ड 16 के चुनाव में फर्जी मतदान हुआ। याचिका में दावा किया गया कि कुछ मतदाताओं के नाम पर प्रतिरूपण कर वोट डाले गए। आरोपों के अनुसार कृष्ण सैनी नामक मतदाता का वर्ष 2014 में निधन हो चुका था, इसके बावजूद उनके नाम पर वोट डाले जाने का रिकॉर्ड दर्शाया गया।
अस्पताल में भर्ती फिर किसने डाली वोट: इसके अलावा गुरुपाल सिंह और राकेश कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनके वोट डाले जाने का आरोप लगाया गया। वहीं सोनिया पत्नी सुनील कुमार ने भी दावा किया कि मतदान केंद्र पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका है।
अगली सुनवाई 21 को: अदालत ने अपने आदेश में विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र को प्रतिनिधित्व से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसलिए केवल प्रारंभिक आरोपों के आधार पर विजयी उम्मीदवार को शपथ लेने और पद ग्रहण करने से नहीं रोका जा सकता।Dharuhera Election
सुनवाई रहेगी जारी: चुनाव याचिका पर नियमित सुनवाई जारी रहेगी और मामले के तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। इस फैसले के बाद अब मनीषा सैनी के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया है, जबकि चुनाव याचिका की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी।Dharuhera Election












