Breaking News: रेवाड़ी: जिले के बोड़िया कमालपुर गांव में सोमवार का दिन मातम में बदल गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिता , पत्नी और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से तीनों को अंतिम विदाई दी। पिता रतनलाल का कहना है कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है। क्योंकि रतनलाल का बृजमोहन इकलौता बेटा था।
गांव में नही जले चूले: हादसे के बाद ही गांव में मातम छाया हुआ है आलम जहां तक है कि दाह संस्कार के दिन गांव में कोई भी चूल्हा नहीं चला गया पूरे गांव की चिंता का विषय बना हुआ है कि एक परिवार पूरा खत्म हो गया। बता दे की बृजमोहन अपने माता-पिता का इकलौती सन्तान थी। बेटा पत्नी सहित तीनों की एक साथ दर्दनाक मोत होने से घर मे मातम छाया हुआ है।
हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।बताया जा रहा है कि इंजीनियर बुजमोहन अपने बेटे निमेष का भविष्य संवारने के लिए उसे कोचिंग सेंटर में दाखिला दिलाने पत्नी अनीता के साथ घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
हादसे में ब्रिजमोहन, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई। जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।
दोपहर के समय गांव के श्मशान घाट में एक ही चिता पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने भारी मन से कहा कि एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। वहीं मां रामकली का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार परिवार का गांव से गहरा लगाव था और वे अक्सर गांव आते-जाते रहते थे। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।


















