हरियाणा विधानसभा में आयुष्मान भारत और Chirayu स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कहा कि योजना में भुगतान रुकने या निजी अस्पतालों द्वारा इलाज बंद करने के आरोप वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ चल रही हैं और लाखों लोगों को इससे सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो तस्वीर पेश की जा रही है, वह तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति बताना पूरी तरह अतिशयोक्ति है और इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के योगदान को कमतर आंका जाता है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 दिसंबर 2018 को की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देना है। इसके तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस योजना में लगभग 2694 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इन पैकेजों के माध्यम से गंभीर बीमारियों से लेकर जटिल सर्जरी तक का इलाज कराया जा सकता है। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को बड़े अस्पतालों में इलाज कराने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाने के लिए चिरायु योजना की शुरुआत की थी। 21 नवंबर 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस योजना को लागू किया था। इस योजना के तहत उन अंत्योदय परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा दी गई, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। चिरायु योजना में भी प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इसके दायरे को और विस्तारित किया है। वित्त वर्ष 2023-24 में उन परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया गया, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। इस निर्णय के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में आ गए जो पहले इस योजना से बाहर थे। सरकार का मानना है कि इससे मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर 14555 नंबर पर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता है। लाभार्थी इस नंबर पर संपर्क कर अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखती है कि अस्पतालों में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हरियाणा में अस्पतालों की भागीदारी
मुख्यमंत्री के अनुसार 22 जनवरी 2026 तक हरियाणा में 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। ये अस्पताल योजना के तहत मरीजों को उपचार की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने फरवरी 2026 के आंकड़े भी साझा किए। 21 फरवरी तक निजी अस्पतालों से कुल 33,911 प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अस्पताल इलाज बंद कर देते तो इतनी बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त नहीं होते।
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने कुल 5,91,863 क्लेम प्रस्तुत किए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना के तहत लगातार उपचार हो रहा है और अस्पताल सक्रिय रूप से इसमें भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुगतान में देरी की बात कहकर कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में निजी अस्पतालों द्वारा 1,236 करोड़ रुपये के क्लेम प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से लगभग 1,100 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जो कुल क्लेम का लगभग 89 प्रतिशत है। इसके अलावा पिछले तीन महीनों में ही सूचीबद्ध अस्पतालों को करीब 250 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
लाखों लोगों को मिला इलाज
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत हरियाणा में अब तक 27,42,306 लोगों का इलाज किया जा चुका है। इन इलाजों के लिए कुल 3,862 करोड़ 36 लाख रुपये के क्लेम का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना प्रभावी ढंग से लागू हो रही है और आम लोगों को इससे बड़ी राहत मिल रही है मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले पांच महीनों के दौरान किसी भी लाभार्थी ने यह शिकायत दर्ज नहीं कराई कि अस्पताल ने भुगतान न मिलने के कारण आयुष्मान योजना के तहत इलाज देने से इनकार किया हो। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना सुचारु रूप से चल रही है।
विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब
अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष द्वारा हेल्थ इमरजेंसी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना केवल राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य योजनाओं को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि हरियाणा के नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें।

















