Credit card का बिल समय पर न भर पाने से आमतौर पर जेल नहीं होती है, क्योंकि यह एक सिविल मामला (पैसों का विवाद) है, न कि आपराधिक। हालाँकि, यदि आपने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया है, गलत जानकारी दी है, या धोखाधड़ी के इरादे से जानबूझकर भुगतान नहीं किया है, तो आपको जेल हो सकती है।Credit card
आइए इस लेख के माध्यम से आपको बताते है कैसे क्रेडिट कार्ड यूजर्स को जेल हो सकती है। अगर भी क्रेडिट कार्ड के कस्टमर है तो जरूर ये ध्यान रखें।
क्रेडिट कार्ड कानून, जेल कब हो सकती है?: सिर्फ बिल लेट होने पर जेल नहीं होती। जेल का खतरा तब बनता है जब धोखाधड़ी (Fraud) साबित हो जाए। धोखाधड़ी, गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (अब BNS) के तहत मामला दर्ज हो सकता है।Credit card
बता दे कि बिल न भरने पर सबसे पहले बैंक कॉल, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से रिमाइंडर भेजता है। लंबे समय तक पेमेंट न करने पर रिकवरी एजेंट संपर्क कर सकते हैं, लेकिन वे आपको डरा या धमका नहीं सकते।
बैंक बकाया राशि वसूलने के लिए सिविल कोर्ट में मामला दर्ज करा सकता है। बिल समय पर न भरने से आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर तेजी से खराब हो जाता है, जिससे भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न चुकाना अपराध नहीं है, लेकिन इसे जानबूझकर न चुकाना या गलत तरीके से कार्ड बनवाना कानूनन अपराध है।

















