भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निर्माणाधीन फैक्ट्री में सोमवार को पानी की टंकी की दीवार गिरने से घायल हुए दो ओर बच्चो ने दम तोड दिया है। इसी के साथ ही मंगलवार मृतको की संख्या तीन हो गई है।
क्योंकि सोमवार इसी हादसे में पहले एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी। सोमवार को हादसे में घायल तीन लोगों का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। सबसे अहम बात यह है तीन मौत होने के बावजूद तथा 48 घंटे के बाद हादसे के जिम्मेदारों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
सुरक्षा मानक ताककर किया काम: निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।

दीवार अचानक भरभराकर गिरी: बता दे भिवाडी में निर्माणाधीन फैक्ट्री परिसर में बन रही पानी की टंकी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई थी। इसी के चलते आसपास मौजूद चार बच्चों सहित पांच लोग घायल हो गए थे, जबकि एक चार वर्षीय बच्ची की मौके पर ही यानि सोमवार को ही मौते हो गई थी।
ये हुए थे घायल: बता टंकी दीवार गिरने से बच्चे मलबे मे दब गए थे। वहां पर मौजूद लोगो ने तुरंत मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल दो बच्चों शिवम (12) पुत्र धनीराम निवासी गांव ड्यूरी, थाना देवनगर, जिला पन्ना (मध्यप्रदेश) और ज्योतिष (5) पुत्र अरविंद निवासी बलिया, थाना मदनपुर, जिला पूर्णिया (बिहार) को उपचार के लिए दिल्ली एम्स रेफर किया गया था।?
मृतको की संख्या हुई तीन: बता इस हादसे में जहां सोमवार एक बच्चे की मौत हुइ थी वहीं मंगलवार को उपचार के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। हादसे में मीनू (4) पुत्री अरविंद निवासी बलिया, थाना मदनपुर, जिला पूर्णिया (बिहार) की सोमवार को मौके पर ही मौत हो गई थी। इस तरह हादसे में अब तक तीन मासूमों की जान जा चुकी है।
नहीं मिली कोई शिकायत: डीएसपी प्रदीप नेहरा
वहीं डीएसपी प्रदीप नेहरा ने बताया कि हादसे में श्रीमणि (40), जीतू (25) तथा अरुणा (40) भी घायल हो गए। इनमें श्रीमणि की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि जीतू और अरुणा का सामान्य वार्ड में उपचार चल रहा है।












