गुरुग्राम/रेवाड़ी: दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) से सफर करने वालों के बडी खुशी की खबर है। हाइवे पर बढते ट्रैफिक दबाव को कम करने और अहीरवाल क्षेत्र को सीधी कनेक्टिविटी इसी साल शुरू होन वाली है। बता दे कि गुरुग्राम-रेवाड़ी नेशनल हाईवे (NH-352W) का पहला फेज इसी महीने यानी जुलाई 2026 में यातायात के लिए खुलने जा रहा है।
दो चरणों में होगी शुरुआत, समय की होगी भारी बचत’
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस एक्सप्रेसवे को दो चरणों में शुरू करने की योजना है। बता दें कि करीब 46 किलोमीटर लंबे इस फोर-लेन नेशनल हाईवे के शुरू होने से नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के दक्षिणी हिस्सों में यातायात व्यवस्था में काफी बदलाव होगा यानि घंटो का सफर मिनटो में हो जाएगा।
जानिए कब होगा पहला चरण : बता दे इसी महीने द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 88बी के पास) से लेकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे तक का 10 किलोमीटर लंबा हिस्सा खोल दिया जाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 45 मिनट लगते हैं, जो अब मात्र 10 मिनट से भी कम रह जाएंगे।
जानिए दूसरा चरण कब होगा: हाइवे बनाने को लेकर दूसरा चरण सितंबर महीने तक पूरा 46 किलोमीटर का रूट खोल दिया जाएगा, जिसके बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी की कुल दूरी सिर्फ 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
जानिए किन गांवो को होगा फायदा
इस हाईवे के चालू होने से हरसरू, गढ़ी, चंदू, वजीरपुर और हयातपुर जैसे ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ न्यू गुरुग्राम के रिहाइशी सेक्टर्स (88 से 98 तक) और IMT मानेसर के नए औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतरीन और अल्टीमेट कनेक्टिविटी मिलेगी। यानि इनका रूट काफी छोटा हो जाएगा जिससे न केवल जाम से राहत मिलेगी वही आवागमन भी सरल हो जाएगा।
रियल एस्टेट और बिजनेस मार्केट में आएगा उछाल
बेहतरीन कनेक्टिविटी के चलते इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी बाजार में काफी उछाल आने की उम्मीद है। क्योंकि इससे निवेशकों के लिए निवेश के सुनहरे अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही व्यापारियों और स्थानीय उद्योगों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे मील का पत्थर साबित होगा। माल ढुलाई में समय और ईंधन (पेट्रोल-डीजल) दोनों की बचत होगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
NHAI ने इस एक्सप्रेसवे को उच्च सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया है, जिसमें यातायात नियंत्रण के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा सड़क निर्माण के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों में पानी, बिजली और अन्य बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की योजनाओं को भी रफ्तार मिलेगी।













