रेवाड़ी। धारूहेड़ा नगर पालिका में उपचेयरमैन का चुनाव होने के बाद अब रेवाड़ी नगर परिषद में भी उपचेयरमैन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 24 सितंबर को हाउस की बैठक बुलाने की तैयारी चल रही है और इसी बैठक में उपचेयरमैन का चुनाव होने की संभावना है। चुनाव नजदीक आते ही राव इंद्रजीत सिंह और एंटी राव खेमे की सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि अभी किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन नगर परिषद के पार्षदों की निगाहें राव इंद्रजीत सिंह के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।
32 वार्ड, भाजपा के 12 पार्षद
रेवाड़ी नगर परिषद में कुल 32 वार्ड हैं। हालिया चुनाव में भाजपा के 12 पार्षद जीतकर आए थे। सामान्य स्थिति में बहुमत के लिए 17 पार्षदों का समर्थन जरूरी माना जाता है। यानी भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत से पांच पार्षद कम हैं। कांग्रेस का केवल एक पार्षद चुनाव जीत पाया था। वहीं चुनाव जीतने वाले कई निर्दलीय पार्षदों ने बाद में भाजपा का समर्थन किया।
यही वजह है कि उपचेमयरैमन का चुनाव भाजपा के लिए संख्या के लिहाज से मुश्किल नहीं माना जा रहा। हालांकि पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को देखते हुए अंतिम समय तक सियासी समीकरण बदलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
चुनाव जीतने के बाद 10 निर्दलीय पहुंचे थे रामपुरा हाउस
नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद 10 निर्दलीय पार्षद राव इंद्रजीत सिंह के रामपुरा हाउस पहुंचे थे। इसके बाद से इन पार्षदों का राव खेमे के साथ खड़ा होना चर्चा में रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि उपप्रधान चुनाव में भी राव इंद्रजीत सिंह जिस चेहरे को समर्थन देंगे, उसके पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाना आसान होगा।
यही कारण है कि इस समय सबसे बड़ा सवाल उपप्रधान कौन बनेगा से ज्यादा यह है कि राव इंद्रजीत सिंह का आशीर्वाद किस पार्षद को मिलता है। धारूहेड़ा में भी उपप्रधान के लिए नए चेहरे अमन राव को मैदान में उतारा गया था और वे सर्वसम्मति से चुने गए। ऐसे में रेवाड़ी में भी किसी नए चेहरे को मौका दिए जाने की चर्चा है।
ये दो नाम भी चर्चा में: उपचेयरमैन चुनाव को लेकर राव इंद्रजीत सिंह और एंटी राव खेमे के बीच अंदरखाने गतिविधियां तेज बताई जा रही हैं। एक खेमा राव इंद्रजीत सिंह के करीबी चेहरे को आगे बढ़ाने में जुटा है, जबकि दूसरा संगठन से जुड़े चेहरे के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित चेहरों में निहाल सिंह और चेतराम सैनी के नाम चर्चा में हैं। हालांकि अभी तक किसी नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम समय में दोनों नामों से अलग किसी तीसरे चेहरे पर भी सहमति बन सकती है।
रेवाड़ी और धारूहेड़ा में टिकट पर भी रहा राव का प्रभाव
रेवाड़ी और धारूहेड़ा दोनों निकायों के चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही है। रेवाड़ी में विनिता पीपल को भाजपा ने राव इंद्रजीत सिंह की सिफारिश पर अपना चेयरपर्सन उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने चुनाव जीतने के बाद 1 जून को शपथ ली। धारूहेड़ा में अजय जांगड़ा चेयरमैन चुने गए और उन्होंने 6 जुलाई को शपथ ली। दोनों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राव इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी रही थी।
अब धारूहेड़ा में अमन राव के सर्वसम्मति से उपचेयरमैन चुने जाने के बाद रेवाड़ी की बारी है। 24 सितंबर को प्रस्तावित बैठक में कौन सा चेहरा सामने आता है और पार्षद किसके पक्ष में लामबंद होते हैं, इसका फैसला बैठक के दौरान ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पार्षदों की निगाहें राव इंद्रजीत सिंह के अगले इशारे पर टिकी हुई हैं।












