हरियाणा(Best24News): हरियाणा में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले बड़े बकायेदारों और डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ शहरी स्थानीय निकाय (ULB Haryana) और नगर निगमों ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपना लिया है। राज्यभर में कमर्शियल, रेजिडेंशियल व व्यावसायिक संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पंचकूला नगर निगम ने बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली है। अकेले पंचकूला निगम क्षेत्र में 10 लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया रखने वाले 33 बड़े बकायेदारों पर 15 करोड़ 20 लाख 45 हजार 603 रुपये का भारी-भरकम टैक्स बकाया है।
सरकारी संपत्तियों पर भी करोड़ों का बकाया: हैरानी की बात यह है कि प्रॉपर्टी टैक्स के इन बड़े डिफॉल्टरों की सूची में निजी मालिकों के साथ-साथ कई सरकारी संपत्तियां और प्रशासनिक परिसर भी शामिल हैं। सेक्टर-30 स्थित 50वीं बटालियन का कमांडेंट ऑफिस कॉम्प्लेक्स: करीब 3.16 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया। सेक्टर-29 स्थित रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स: लगभग 2.67 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया।
15 सितंबर के बाद कुर्की और नीलामी
तय समयसीमा (15 सितंबर) तक टैक्स जमा न कराने की स्थिति में नगर निगम द्वारा सख्त कदम उठाए जाएंगे। बकाया न चुकाने वाली दुकानों, मकानों, परिसरों व प्लॉट्स को तुरंत सील कर दिया जाएगा। सीलिंग के बावजूद भुगतान न करने पर प्रॉपर्टी को कानूनी रूप से अटैच यानि कुर्क किया जाएगा। अंततः बकाया राशि की भरपाई के लिए संपत्तियों को खुली बोली लगाकर नीलाम कर दिया जाएगा।
निगम प्रशासन ने सभी व्यक्तिगत और सरकारी संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे सीलिंग की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए 15 सितंबर से पहले अपना बकाया टैक्स अवश्य जमा कराएं।
धारा 129 और 130 के तहत दूसरा नोटिस जारी: पंचकूला नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों की ओर से 2 लाख रुपये से अधिक का बकाया रखने वाले सभी प्रॉपर्टी मालिकों को ‘हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994’ की धारा 129 और 130 के तहत दूसरा अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 सितंबर 2026 तक सभी डिफॉल्टर अपने बकाया टैक्स का पूर्ण भुगतान जमा कराएं।
669 संपत्तियों पर 36.11 करोड़ का कुल बकाया
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 2 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले कुल 669 मामले दर्ज किए गए हैं। इन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है।
• सरकारी संपत्तियां: कुल 76 संपत्तियों पर 11.68 करोड़ रुपये का बकाया है।
• प्राइवेट संपत्तियां: कुल 593 संपत्तियों पर 24.43 करोड़ रुपये का टैक्स बाकी है।
इन बकायेदारों में 107 कमर्शियल दुकानें, 102 इंडिपेंडेंट मकान, 88 कमर्शियल प्लॉट, 27 शॉपिंग मॉल और 42 इंडस्ट्रियल संपत्तियां शामिल हैं।
नगर निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि सरकारी बकायेदारों के विभागाध्यक्षों को टैक्स जमा कराने के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। वहीं, प्राइवेट डिफॉल्टरों को 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। तय सीमा तक भुगतान न करने पर दुकानों, मॉल और कंपनियों को तुरंत सील कर दिया जाएगा।













