हरियाणा (Best24News)हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग की ओर से अब अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रत्येक शिक्षक के मामले में उसकी पात्रता, नियुक्ति की स्थिति और सेवा अवधि से जुड़े कानूनी पहलुओं की अलग-अलग जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को गेस्ट टीचरों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान नियुक्ति आदेश, नियुक्ति की तारीख और नियुक्ति का स्वरूप, ज्वाइनिंग, सेवा की निरंतरता, स्वीकृत पद, सेवा में आए ब्रेक और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड देखा जाएगा। अधिकारियों को प्रत्येक शिक्षक के मामले में अलग स्पीकिंग रिपोर्ट तैयार करके निर्धारित समय में भेजनी होगी।
मूल दस्तावेजों के साथ बुलाए गए शिक्षक
यह प्रक्रिया 16 जून 2014 की नियमितीकरण नीति और सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के मदन सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार मामले में दिए गए फैसले के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। नारनौल में पीजीटी गेस्ट टीचरों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मूल दस्तावेज लेकर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों से नियुक्ति और कार्यग्रहण आदेश के अलावा स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन से जुड़े आदेश, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सेवा पंजिका, मेरिट से संबंधित दस्तावेज और पुलिस वेरिफिकेशन समेत जरूरी रिकॉर्ड मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट भेजनी होगी। आदेशों की अनदेखी पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। रिकॉर्ड उपलब्ध कराने या रिपोर्ट तैयार करने में देरी होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।












