रेवाड़ी में असामाजिक तत्वों ने मोती चौक पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा का चश्मा उतार लिया। जब 15 अगस्त वह चौक पर पहुंचे तो माला अर्पित करते समय इस बात का पता चला। इससे पहले ही एक बार फिर मॉडल टाउन में चश्मा गायब हुआ है। सवाल यह है कि इस तरह की धिनानो हरकते कौन करता है। रेवाड़ी के मोती चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से चश्मा उतारकर ले जाने की घटना पर कैप्टन अजय सिंह यादव ने नाराजगी जताई है।
कप्तान भडंके कहा कार्रवाई होनी चाहिए
जब चौक पर पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव पहुंचे तो चश्मा गायब देख भडक गए। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने कहा कि इस घटना से शरारती तत्वों की मानसिकता सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। शहर के ऐतिहासिक मोती चौक पर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा का अपना विशेष महत्व है।
कैप्टन अजय यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में देशवासियों का नेतृत्व किया और उनके अहिंसक संघर्ष तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से 1947 में देश को आजादी मिली। ऐसे महान राष्ट्रनायक की प्रतिमा से चश्मा उतारकर ले जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
अजय यादव ने कहा कि नगर परिषद को चाहिए कि वह सीसीटीवी का सहारा लेकर आरोपियों की पहचान करें, ताकि उन्हें उनके इस कृत्य के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। उन्होनें नगर पालिका कर्मचारियों के धरने को संबोधित करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा सफाई कर्मचारी मांगो को लेकर बैठे हुए सरकार इसकी मांगो को लेकर गंभीर नहीं है।
दोषियों पर हो कार्रवाई
कैप्टन अजय यादव ने नगर परिषद से मांग की कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चश्मा उतारने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।।













