धारूहेड़ा: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मसानी स्कूल में गांव के सबसे बुजुर्ग और तीन लड़ाइयों में देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिक बाबा बनवारी लाल ने ध्वजारोहण किया। तिरंगा फहराते समय उनके चेहरे पर देशभक्ति और गर्व का भाव साफ नजर आया, वहीं भावुक होकर उनकी आंखें भी नम हो गईं।
बाबा बनवारी लाल के लिए यह केवल ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के अपने लंबे सफर को याद करने का भावुक क्षण भी रहा। तीन युद्धों में भारतीय सेना का हिस्सा रहे बनवारी लाल ने तिरंगे को सलामी देकर देश की एकता, अखंडता और सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ध्वजारोहण कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल नम्रता सचदेवा, गांव के सरपंच संजय यादव, पूर्व सरपंच कैप्टन लाला राम, समय सिंह, खजान सिंह, अजय, अरविंद, रामबीर सिंह सहित गांव के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने पूर्व सैनिक बाबा बनवारी लाल के सैन्य जीवन और देश के लिए दिए गए योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे पूर्व सैनिक नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और उनके अनुभव युवाओं में देशसेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
तिरंगे के नीचे खड़े बाबा बनवारी लाल की नम आंखें मानो उनके उस दौर की कहानी बयां कर रही थीं, जब देश की रक्षा के लिए उन्होंने युद्ध के मैदान में मोर्चा संभाला था। स्वतंत्रता दिवस पर उनका ध्वजारोहण गांव के लिए गौरव और भावुकता का यादगार क्षण बन गया














