
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले की बावल में स्थित GLS केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन कर्मचारियो की दर्दनाक मौत संज्ञान लिया है। सुरक्षा की अनदेशी के चलते हुई हादसे में मारे गए कर्मचारियों को लेकर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा माना है। सर्वोच्च मानवाधिकार निकाय ने हरियाणा के मुख्य सचिव और रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।Bawal GLS Fire Tragedy
मुआवजे की पुलिस जानकारी मांगी: एनएचआरसी ने कहा कि रिपोर्ट में घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और मृतकों और घायलों के परिजनों को दिए गए मुआवजे की पूरी डिटेन्ल भी बताई जाए।। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विस्फोट 19 मई को रेवाड़ी जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बावल की केमिकल फैक्ट्री में हुआ, जब कारखाने के चिलिंग प्लांट में मरम्मत का काम चल रहा था।Bawal GLS Fire Tragedy

Bawal GLS Fire Tragedy: विस्फोट के कारण आग लग गई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। करीब 12 घंटे में आग पर काबू पाया जा सकता था। जिसके लिए रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा व आस पास के दमकल गाडियां बुलानी पडी थी। फैक्ट्री में लगी आग से घायल श्रमिकों में से एक की 20 मई को अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिकों के कंकाल कारखाने परिसर से बरामद किए गए। जिनकी पहचान की डीएन टैस्ट करवाया गया है। हालांंकि कपनी के रिकोर्ड के अनुसार यहां दो कर्मचारियो के नाम बताए गए है लेकिन सही जानकारी के लिए डीएन टैस्ट से ही मिल पाएगी।
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जनिए क्या उत्पाद होता है इस कंपनी में: बता दे इस फैक्ट्री घरेलू और विदेशी बाजारों के लिए रासायनिक उत्पाद और एल्युमीनियम फॉयल और इंडस्ट्रियल इंक का निर्माण करती है। कई विस्फोटों के बाद, लगभग 300 कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाला गया। सुरक्षा की लापरवाही के चलते ही यह हादसा हुआ है।Bawal GLS Fire Tragedy
आग बुझाने के संयत्र फेल: कंपनी में आग बुझाने के लिए लगाए गए संयत्र ठीक नहीं थे। यहीं कारण है जिस समय आग लगी थी अगर आग बुझाने का संयत्र सही होते ही आग पर तुरंत ही काबू पाया जा सकता था।
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