Bawal Fire Tragedy: बावल स्थित GLS कंपनी में चार दिन पहले लगी भीषण आग के बाद लापता कर्मचारियों की तलाश के दौरान कंपनी परिसर से शव मिलने से सनसनी फैल गई। हादसे के बाद प्रशासन और कंपनी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं

रेवाड़ी के बावल के सेक्टर-5 की GLS केमिकल इंक कंपनी में 19 मई को भयंकर आग लग गई थी। सूचना पार श्रमिकों के परिजनों ने कंपनी के गेट पर डेरा डाला हुआ है। वहीं पिछले दो दिन से यहां पर NDRF ने डेरा डाला हुआ है। पूरे प्लांट की चैकिंग चल रही है। दो दिन लापता दोनो श्रमिकोंं के शव कंपनी में मिल गए है।Fire in GLS
छह श्रमिक हुए थे घायल: बता दे 19 मई केमिकल इंक कंपनी आग लगने से छह श्रमिक झुलस गए थे। आग से झुलसे 6 कर्मचारियों में से यूपी निवासी 35 वर्षीय हरि बाबू की मौत हो चुकी है, जबकि चार अभी भी उपचाराधीन है। वही पाचं दिन से लातपा दोना कर्मचारियो का रविवार रात को सुराग लग गया है।Fire in GLS

जिसका डर था वही हुआ: परिजनो को पहले ही भय था कि उसने बेटे कंपनी के अंदर ही जल गए है। कई बार परिजनो ने विरोध जताते हुए अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन प्रशासन के आशवासन के चलते वे बाहर ही रूक रहे। रविवार को टीम ने जब कंपनी में जले मलबे हो हटाया तो डेड बोडी मिलने की पुष्टि की।Fire in GLS
आग पर काबू, राहत कार्य जारी: बता दे कि केमिकल कंपनी मे आग पर 19 की रात को पूर्णतया काबू पा लिया गया था, परंतु बचाव कार्य अभी भी जारी है। रविवार को राहत टीम ने आगजनी से हुए मलबे को हटाया तो दो श्रमिकोंं की डेड बोडी मिली। दोनो शवो को पोस्टमार्टम के लिए रेवाड़ी भिजवा दिया गया है। सोमवार को दोनो का पोस्टमार्टम किया जाएगा।Bawal Fire Tragedy

100 से ज्यादा कर्मचारी थे कार्यरत: जिस समय कंपनी में आग लगी थी उस समय उत्पादन जारी थी बताया जा रहा है 100 से कर्मचारी उस समय कार्यरत थे। आगजनी में छह कर्मचारी झुलस गए थे। जिससे बाद में उपचार के दौरान एक की मोत हो गई थी जबकि दो कर्मचारी उसी दिन लापता थे ।
आग कैसे लगी: कपनी में 19 मई को आग लगी थी आग लगने का कारणा शोर्ट शर्किट बताया जा रहा है। काफी मश्क्त के बाद करीब 10 घंटे में आग पर काबू पाया गया था।
प्रशासन ने क्या कहा: आग लगने के बाद ही प्रशासन पहुंच गया था। बताया जा पिछले तीन दिन में कपनी राहत कार्य चालू किया हुआ था। राहत कार्य के चलते ही रविवार को दोनो लापता श्रमिकों के शव मिले है।

परिजनों का बयान: परिजन पिछले तीन दिन से कंपनी गेट पर रूक हुए है वे बार बार अपने बेटों से मिलने की बात कर रहे थे लेकिन प्रशासन का कहना था कंपनी में राहत कार्य जारी है उनके पास कोई सुचना नहीं है लापता दोनो श्रमिक कहां पर है।
लापरवाही से फिर ले जान: रेवाडी जिले में लापरवाही के चलते ये कोई पहला हादसा नहीं है। धारूहेड़ा में लाइफ लोंग कपनी में 16 मार्च का आगजनी में 30 से ज्यादा श्रमिक झुलस गए थे जिसमें उपचार के दोरान एक दर्जन श्रमिको की मौत हो गई थी। इतना ही हीरो मोटो कोर्प धारूहेड़ा में एक श्रमिक की इसी तरह मोत हो गई थी ओर अब एक बार फिर इस कंपनी में हुई आगजनी से दो श्रमिको की मौत हो गई है।






















