Rewari Police Advisory: रेवाड़ी: रेवाड़ी पुलिस ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और बच्चों के नाम एक विशेष सुरक्षा एवं जागरूकता संदेश जारी किया है। एसपी ने कहा कि “बच्चे हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। उनकी सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
” बदलते समय में बच्चों के सामने शिक्षा और तकनीक के नए अवसरों के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाएं, साइबर अपराध, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, नशे का बढ़ता खतरा और अजनबियों के बहकावे जैसी गंभीर चुनौतियां भी हैं, जिनसे निपटने के लिए समय पर सतर्कता बेहद जरूरी है।Rewari Police Advisory
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन देना कानूनन अपराध
सड़क सुरक्षा को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि “सड़क पर एक छोटी-सी लापरवाही जीवनभर का दर्द बन सकती है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि
अंडरएज ड्राइविंग बंद हो: 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी कीमत पर वाहन (दोपहिया या चौपहिया) न चलाने दें। यह न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि उनके जीवन को गंभीर जोखिम में डालना भी है।
यातायात नियमों का पालन: सड़क पार करते समय हमेशा ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें, चलते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अपनी नियमित आदत बनाएं।
साइबर सुरक्षा: सोशल मीडिया पर न शेयर करें व्यक्तिगत जानकारी
आज के डिजिटल युग में इंटरनेट जहां पढ़ाई का माध्यम है, वहीं थोड़ी सी लापरवाही बच्चों को साइबर अपराधियों का शिकार बना सकती है। पुलिस अधीक्षक ने बच्चों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की
:सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, मोबाइल नंबर, घर का पता या पासवर्ड कभी भी साझा न करें।किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी संदिग्ध लिंक, गेम या ऑफर पर क्लिक करने से बचें। यदि कोई ऑनलाइन धमकी दे, ब्लैकमेल करे या अनुचित संदेश भेजे, तो इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को दें।
अभिभावक रोजाना बच्चों के साथ बिताएं समय, अजनबियों से रखें दूरी
एसपी ने माता-पिता से अपील की है कि वे प्रतिदिन अपने बच्चों के साथ समय बिताएं और उनकी दिनचर्या, मित्र मंडली तथा ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक नजर रखें। बच्चों को समझाएं कि किसी अजनबी व्यक्ति से उपहार, खाने-पीने की वस्तु या किसी प्रकार का लालच स्वीकार करना उनके लिए खतरनाक हो सकता है। घरों में ऐसा विश्वासपूर्ण वातावरण बनाएं कि बच्चे किसी भी परेशानी या डर की स्थिति में बिना झिझक खुलकर बात कर सकें।
गर्मी के मौसम में नहरों और जलाशयों से रहें दूर
गर्मी के मौजूदा सीजन को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने बच्चों एवं अभिभावकों को विशेष रूप से सचेत किया है। उन्होंने साफ हिदायत दी है कि बच्चे बिना किसी बड़ी निगरानी के नहरों, तालाबों, जोहड़ों या अन्य गहरे जलाशयों में नहाने या खेलने बिल्कुल न जाएं। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से बिजली के खुले तारों, सुनसान स्थानों तथा परित्यक्त (पुरानी/खाली) इमारतों से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
आपात स्थिति में तुरंत डायल करें पुलिस हेल्पलाइन 112
एसपी ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि एक गलत फैसला पूरे जीवन और परिवार की खुशियों को अंधकार में धकेल सकता है। जिले में कहीं भी नशे की बिक्री या सेवन की जानकारी मिलने पर आप बिना किसी भय के तुरंत पुलिस को सूचित कर सकते हैं। सबसे अहम बात यह है सूचना देने का नाम पुलिस हमेशा गुप्त रखेगी
1.तुरंत 112 पर सूचना दें:आपातकालीन कॉल.किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपात स्थिति अथवा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें।
2.पहचान रखी जाएगी गुप्त: गोपनीयता.नशे की अवैध बिक्री या किसी भी अपराध की सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
3.नैतिक मूल्यों का विकास: संस्कार और अनुशासन.सभी विद्यालय, सामाजिक संगठन और नागरिक मिलकर बच्चों में कानून के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।
“बच्चे हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। उनकी सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
हेमेंद्र कुमार मीणा एसपी रेवाडी

“बच्चे हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। उनकी सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।











