शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

Haryana News: कैथल में मंत्री अनिल विज और पुलिस अधिकारी के बीच क्यों हुई बहस ?

Written by: सुनील चौहान

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Haryana News: कैथल जिले में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय तनावपूर्ण हो गई जब विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत पर गृह मंत्री अनिल विज और इकोनॉमिक…


Haryana News: कैथल जिले में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय तनावपूर्ण हो गई जब विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत पर गृह मंत्री अनिल विज और इकोनॉमिक सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के बीच तीखी बहस हो गई। शिकायत सीवन गेट निवासी मनजीत सिंह की ओर से दर्ज की गई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को विदेश भेजने के नाम पर उससे ठगी की गई। मंत्री विज ने बैठक में ही निर्देश दिए कि यह एफआईआर चंडीगढ़ में नहीं, बल्कि कैथल में दर्ज की जाए, ताकि पीड़ित को स्थानीय स्तर पर न्याय मिल सके।

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मंत्री और इंस्पेक्टर के बीच तीखी वार्तालाप

बैठक में इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने मंत्री से कहा कि वे सही हैं और न्याय नहीं हो रहा। मंत्री ने जवाब दिया कि वे न्याय कर रहे हैं। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत में कड़वाहट नजर आई। एसपी उपासना ने बीच में आकर बताया कि ओमप्रकाश एफआईआर दर्ज करने को तैयार हैं, लेकिन मंत्री ने नाराजगी जताई कि एक महीने से कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

पिछली बैठक में भी इसी शिकायत पर चर्चा हो चुकी थी। इस बार भी शिकायतकर्ता मौजूद नहीं था। इसलिए मामला फिलहाल लंबित रखा गया है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

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जांच अधिकारी ने मामले को चंडीगढ़ से संबंधित बताते हुए वहीं कार्रवाई की बात कही, जिस पर बैठक के दौरान ही मंत्री और अधिकारी के बीच मतभेद बढ़ गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मंत्री विज ने वहीं पर इंस्पेक्टर ओमप्रकाश को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। माहौल शांत होने के बाद एसपी उपासना ने मंत्री को बताया कि ओमप्रकाश का कार्यकाल और कार्यशैली दोनों ही संतोषजनक रहे हैं। इस पर मंत्री विज ने निलंबन आदेश वापस लेते हुए दोबारा एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए

मंत्री और अधिकारी के बीच बहस

जांच के मुद्दे पर मतभेद के चलते बैठक में तनाव पैदा हो गया। मंत्री ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश को निलंबित करने के आदेश दे दिए। बाद में एसपी उपासना ने बताया कि ओमप्रकाश का कार्यकाल अच्छा रहा है। इसके बाद मंत्री ने निलंबन आदेश वापस लेकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दोहराए।

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शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति ने बढ़ाई समस्या

शिकायतकर्ता मनजीत सिंह पहले ही इस बात पर सहमत था कि मामला चंडीगढ़ में सुलझाया जाए। उसने कैथल इकोनॉमिक सेल में अपना बयान भी दे दिया था। लेकिन कम्युनिकेशन की कमी के कारण यह बात मंत्री तक नहीं पहुंच पाई। शिकायतकर्ता की बैठक में गैरहाजिरी ने स्थिति को और जटिल बना दिया।

 

 

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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